पंजाब से प्रवासी मजदूरों का पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा. नतीजतन शुक्रवार को अंबाला में सैकड़ों की तादाद में प्रवासी मजदूर सड़कों पर इकट्ठा हो गए और इस जिद पर अड़ गए कि वो सिर्फ अपने घर जाना चाहते हैं. पंजाब वापस नहीं जाएंगे.
पुलिस के लाख समझाने के बावजूद भी प्रवासी मजदूर नहीं माने. मजदूर अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर पैदल ही निकल पड़े. इसके बाद पुलिस और प्रवासी मजदूरों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली. अंत में पुलिस को हल्के बल का प्रयोग कर प्रवासी मजदूरों को रोकना पड़ा. इस दौरान मजदूर रोते बिलखते भी नजर आये.
पंजाब में भूखे से मरने की नौबत आई तो प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े. लेकिन प्रवासी मजदूरों के सामने सरकारी फरमान दीवार बनकर खड़े हो गया.
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पंजाब से सैंकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर आए दिन हरियाणा की सीमाओं में दाखिल हो रहे हैं. इसका बड़ा असर अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर देखने को मिला. जहां सैंकड़ों की संख्या में प्रवासी पुलिस के सामने पैदल ही अपने राज्यों में जाने की जिद पर अड़ गए.
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पुलिस के बार बार समझाने पर भी प्रवासी मजदूर नहीं रुके और पैदल ही अंबाला-दिल्ली हाइवे पर आगे बढ़ने लगे. इसके बाद पुलिस और प्रवासियों के बीच धक्का मुक्की भी हुई और पुलिस को हल्के बल का प्रयोग भी प्रवासियों को रोकने के लिए करना पड़ा. पंजाब से पैदल ही अपने गांव के लिए निकले प्रवासियों ने इस दौरान रोते बिलखते हुए अपनी दास्तां सुनाई और कहा कि वो पंजाब नहीं जाना चाहते.
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पुलिस सब इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस किसी भी सूरत में प्रवासी मजदूरों को अंबाला से आगे नहीं जाने देना चाहती. ऐसे में पुलिस को प्रवासी मजदूरों को रोकने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. अंबाला पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को किसी ने ट्रेन चलने की सूचना दे दी थी जिसके बाद ये कच्चे रास्तों से यहां पहुंच गए. अब इन्हें वापस भेजा जाएगा और प्रशासन के आदेश के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.