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कोरोना वायरस भीड़ वाले वर्क प्लेस पर कैसे बरपा सकता है कहर?

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि कैसे सियोल में 19 मंजिला इमारत के एक फ्लोर पर ही 43.5 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को वायरस ने संक्रमित किया.

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जर्मनी के बर्लिन में कोरोना टेस्ट के लिए संदिग्ध मरीज का सैम्पल लेते स्वास्थ्यकर्मी
जर्मनी के बर्लिन में कोरोना टेस्ट के लिए संदिग्ध मरीज का सैम्पल लेते स्वास्थ्यकर्मी

  • दक्षिण कोरिया में कॉल सेंटर को आधार बना कर स्टडी
  • अधिकतर केस उस तरफ के, जहां अधिक था घनत्व

भीड़-भाड़ वाले दफ्तर जैसी जगहों पर Covid-19 के "असाधारण रूप से संक्रामक" होने से बड़ी तबाही हो सकती है. दक्षिण कोरिया में महामारी से प्रभावित एक कॉल सेंटर के सर्वे से सामने आया है कि कम जगह पर अधिक लोगों वाली जगह पर संक्रमण कैसे तेजी से पैर पसारता है.

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि कैसे सियोल में 19 मंजिला इमारत के एक फ्लोर पर ही 43.5 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को वायरस ने संक्रमित किया. कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के रिसर्चर्स मार्च के पहले सप्ताह से Covid-19 के इस कलस्टर की जांच कर रहे हैं.

बीमारी का फैलना और टेस्टिंग

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8 मार्च को, दक्षिण कोरिया के अधिकारियों को कॉल-सेंटर बिल्डिंग में एक कर्मचारी के कोरोनावायरस पॉजिटिव होने के बारे में सूचित किया गया था. इस बिल्डिंग में पहले से 11वें फ्लोर तक कॉमर्शियल दफ्तर हैं. वहीं 13वें से 19वें फ्लोर तक रिहाइशी अपार्ट्मेंट्स हैं. कॉल सेंटर इमारत के सातवें, आठवें, नौवें और ग्यारहवें फ्लोर्स, से संचालित होता है. स्टडी में बिल्डिंग के कॉमर्शियल दफ्तरों के कुल 922 कर्मचारियों, अपार्टमेंट्स में रहने वाले 203 लोगों और 20 विजिटर्स का विश्लेषण किया गया.

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रिसर्च में पाया गया कि कॉल-सेंटर के कर्मचारी अधिकतर अपने फ्लोर पर ही रहते हैं और दूसरे फ्लोर के कर्मचारियों के संपर्क में नहीं आते हैं. पहला पॉजिटिव केस सामने आने के एक दिन बाद ही पूरी बिल्डिंग को बंद कर दिया गया. साथ ही बिल्डिंग के सभी कर्मचारियों, अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों और विजिटर्स का टेस्ट किया गया.

नतीजे

टेस्ट किए गए कुल 1,143 लोगों में से 97 पॉजिटिव पाए गए, इनमें से 94 बिल्डिंग के 11वें फ्लोर पर काम करने वाले थे. स्टडी में नोट किया गया कि 11वें फ्लोर पर कॉल सेंटर के ऑपरेशन के लिए कुल 243 कर्मचारी तैनात थे. इस तरह यहां वायरस के हमले की दर 43.5 फीसदी रही. उस फ्लोर पर पॉजिटिव पाए गए लोग बिल्डिंग के एक ही हिस्से की तरफ थे.

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97 पॉजिटिव मरीजों में 89 में लक्षण दिखाई दे रहे थे. इनमें चार ऐसे थे जिनमें आइसोलेशन के 14 दिन बाद भी कोई लक्षण नहीं दिखे थे. स्टडी के मुताबिक पहला लक्षण वाला मरीज बिल्डिंग के 10वें फ्लोर पर काम करता था और वो कभी 11वें फ्लोर पर नहीं गया. हालांकि बिल्डिंग में कॉमन लिफ्ट्स थीं.

study_042520033615.jpgकॉल-सेंटर बिल्डिंग के 11वें फ्लोर का सिटिंग प्लान. पुष्ट केसों के बैठने की जगह नीले रंग में. सोर्स: एमर्जिंग इन्फेक्शियस डिजीज 2020

रिसर्चर्स ने Covid-19 के पुष्ट केसों के घरेलू संपर्कों को ट्रेस किया तो उनमें से 34 पॉजिटिव पाए गए. स्टडी के मुताबिक " सेंकेडरी हमले की दर 16.2 फीसदी निकल कर आई.” कोरियाई पब्लिक हेल्थ ऑफिसर शिन यंग पार्क के नेतृत्व में 26 रिसर्चर्स की टीम ने देखा कि 11वें फ्लोर के कुल पॉजिटिव केसों में से 95% दफ्तर की उस तरफ थे जहां कर्मचारियों का घनत्व सबसे अधिक था.

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रिसर्चर्स ने यह भी अनुमान लगाया कि एक पॉजिटिव केस के साथ संवाद की अवधि संक्रमण को फैलाने में अहम रोल निभाती है. "लिफ्ट और लॉबी के जरिए तमाम फ्लोर्स के लोगों की साझा आवाजाही के बावजूद Covid-19 का प्रकोप 11वें फ्लोर तक सीमित रहा. स्टडी के मुताबिक संवाद और संपर्क की अवधि भी संक्रमण को फैलाने का सबब बनी.

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