कोरोना वायरस महामारी का संकट दुनिया के अलग-अलग देशों में बढ़ता जा रहा है. इसी महासंकट के बीच जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मंगलवार को इमरजेंसी का ऐलान कर दिया. ये इमरजेंसी पूरे देश में नहीं बल्कि कुछ प्रांतों में लागू होगी, जहां पर कोरोना वायरस के सर्वोधिक केस आए हैं. जापानी पीएम के ऐलान के मुताबिक ये व्यवस्था एक महीने तक लागू रहेगी.
समाचार एंजेसी रॉयटर्स के मुताबिक, जापान में राजधानी टोक्यो समेत अन्य 5 प्रांत में ये इमरजेंसी रहेगी, जिसके तहत जापान की 44 फीसदी आबादी इसके अंतर्गत आएगी. इसके अलावा सरकार की ओर से 990 बिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया गया है.
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जिसके तहत सरकार की ओर से जरूरतमंदों को आर्थिक मदद दी जाएगी, इसके अलावा जिनका काम प्रभावित हो रहा है उन्हें भी मदद दी जाएगी. ये इमरजेंसी 6 मई तक लागू रहेगी और उसके बाद हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा.
इमरजेंसी के दौरान राजधानी टोक्यो के अलावा कंगावा, चीबा, साइतामा, फुकोउका, ह्योगो और ओसाका के लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई है. बता दें कि जापानी पीएम के द्वारा किए गए इस इमरजेंसी का ऐलान पूर्णत: लॉकडाउन से नहीं है.
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इस इमरजेंसी के दौरान प्रांतों के गवर्नर को यह ताकत मिलेगी कि लोगों को घरों में रहने का आदेश जारी किया जाए और सभी बाजारों को बंद करने की सलाह दी जाए. हालांकि, इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खाने-दवाई की दुकानें खुलती रहेंगी. लेकिन लोगों से अधिक से अधिक घर में रहने को कहा जाएगा.
जापान में कोरोना वायरस के केस में पिछले एक हफ्ते में तेजी आई है, पूरे देश में ये मामले 4000 के पार चले गए हैं, जबकि 90 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इसमें सभी ज्यादा केस टोक्यो से हैं. सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि जबरदस्ती बाजार ना जाएं और जितनी जरूरत हो उतना ही सामान खरीदें.