गोल्ड ज्वैलरी और कलाकृतियों पर अनिवार्य रूप से हॉलमार्किंग (Hallmarking) की व्यवस्था 16 जून से प्रभाव में गई है. पहले चरण में इसे देश के 256 जिलों में लागू किया जा रहा है. अभी तक यह व्यवस्था स्वैच्छिक थी. सरकार की ओर से जारी इस आदेश के मुताबिक, अब सभी ज्वैलर्स को सोने के गहने या कलाकृति बेचने के लिए बीआईएस स्टैंडर्ड के मानकों को पूरा करना होगा. हॉलमार्क सोने की शुद्धता का पैमाना होता है. इसके तहत हर गोल्ड ज्वैलरी पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अपने मार्क के द्वारा शुद्धता की गारंटी देता है. देखें