महिलाओं पर हमला करने वाले अब सावधान हो जाएं क्योंकि कर्नाटक के एक फार्मासिस्ट ने एक रक्षा अंगूठी (स्टिंग बी) बनाई है जो हमला करने वाले को मधुमक्खी की तरह डंक मारेगी.
यह उपाय खोजने वाले इमरान खान ने बताया, 'पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से मुझे यह सुरक्षा अंगूठी बनाने की प्रेरणा मिली जिसे अपने दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में पहन कर महिलाएं दुष्कर्मियों और हत्यारों से बच सकती हैं.'
30 वर्षीय खान द्वारा बनाई गई 'स्टिंग बी' चांदी की अंगूठी आत्मरक्षा के लिए एक विश्वसनीय कवच है. अंगूठी के ऊपरी भाग में तरल रासायनिक यौगिक (कैपसाइसिन) है. यह पदार्थ छोटे से छेद से बाहर निकलता है. जो महिला पर हमला करने वाले हमलावर को कमजोर बनाने के साथ ही उसे स्थिर कर देता है.
'स्टिंग बी' अंगूठी के एक पूर्व प्रदर्शन के मौके पर खान ने कहा, 'कैपेसियन कालीमिर्च से चार गुना गर्म और और गुंटूर लाल मिर्च से 300 गुना ज्यादा तीखा है होता है. अंगूठी में लगे सूक्ष्म पंप और सूक्ष्म सुई के माध्यम से जब यह कैपेसियन अपराधी के शरीर में पहुंचता है तो उसकी त्वचा के चेमोरिसेप्टर तंत्रिका को अंत तक उत्तेजित करता है जिससे 45-60 मिनट तक दर्द होता है.'
ऊपर की ओर आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन) और दोहरी बंद व्यवस्था अंगूठी के दुरुपयोग को रोकती है. अंगूठी किसी भी धातु की बनी हो सकती है. खान ने बताया, 'यह उपकरण छेड़छाड़ रहित है और इसे चलाना आसान है. इसका 0.2 मिलीलीटर कैपसाइसिन वाला सूक्ष्म टैंक एक बार खुलने पर पांच लोगों को इंजेक्ट कर सकता है. और इसे पहनने वाले को बचने का पर्याप्त समय देता है.'
खान ने चांदी की अंगूठियों के लिए मुंबई के एक सुनार और इनमें दवा भरने के लिए शहर की फार्मेसी से समझौता किया है.
खान ने बताया, '5 फीसदी टैक्स और वितरण शुल्क के बिना चांदी की बनी एक अंगूठी का दाम 1,999 रुपये होगा. यह ऑर्डर देने पर बनाई जाएगी और एक हफ्ते के अंदर कुरियर के माध्यम से पूरे भारत में कहीं भी भेजी जाएगी.'
कैनिस्टर (माइक्रो-टैंक) को दोबारा कैपेसाइसिन से भरवाने में हर बार 1,000 रुपये लगेंगे.
महिलाओं को शिक्षित करने और अंगूठी के प्रचार के लिए खान 'सेव माई सिस्टर चैरिटेबल ट्रस्ट' से जुड़ गए हैं. खान ने एक कॉल सेन्टर भी बनाया है जिसका हेल्पलाइन नंबर 080-6450-0112 है. यह महिलाओं को सुरक्षा अंगूठी के बारे में बताएगा और जानकारी देगा.