आज के समय में बिजनेस के कई ऐसे आइडियाज हैं, जिन्हें मामूली इन्वेस्टमेंट से शुरू किया जा सकता है. इन आइडियाज पर सही से अमल किया जाए तो कम समय में अच्छा-खासा प्रॉफिट भी कमाया जा सकता है. एक ऐसा ही सीजनल बिजनेस है मच्छरदानी का, जो साल के 6-8 महीने के दौरान जोरों पर रहता है. गर्मियों और बारिश के मौसम में हर साल मच्छरदानी की अच्छी डिमांड आती है, जिन्हें लोकल लेवल पर भी पूरा किया जा सकता है.
इस बिजनेस के लिए रॉ मटीरियल की बात करें तो नेट और धागे मुख्य हैं. मच्छरदानी के नेट सामान्यत: दो प्रकार के होते हैं, कॉटन और सिंथेटिक. अगर थोक मार्केट में इन्हें खरीदें तो 10-12 हजार रुपये में नेट का पूरा रॉल मिल जाता है. आप घर पर ही एक दर्जी रखकर मच्छरदानी की सिलाई करा सकते हैं. एक रॉल में ही कई मच्छरदानियां आराम से तैयार हो जाती हैं. इन्हें बेचने पर अच्छा-खासा रिटर्न भी मिल जाता है.
बाजार में ज्यादातर सिंगल बेड और डबल बेड मच्छरदानी की डिमांड रहती है. इनके अलावा बच्चों के लिए अलग-अलग डिजाइन में मच्छरदानियां बिकती हैं. सिंगल बेड मच्छरदानी की बात करें तो इनकी लागत बमुश्किल 100 रुपये बैठती है, जबकि बाजार में इन्हें आराम से 300 रुपये में बेचा जा सकता है. इसी तरह डबल बेड मच्छरदानियों को बाजार में 600-700 रुपये में बेचा जाता है, जबकि इनकी लागत 200 रुपये से भी कम आती है. इस तरह मच्छरदानियों के बिजनेस में बड़े आराम से तीन गुना रिटर्न कमाया जा सकता है.
इस बिजनेस की एक और अच्छी बात है कि इसमें घाटे की गुंजाइश कम है. चूंकि यह जल्दी खराब होने वाली चीज नहीं है, आपके पास खपत के लिए बाजार तलाशने का समय रहता है. एक और अच्छी बात है कि इस सेगमेंट में ब्रांडेड प्रॉडक्ट का वर्चस्व नहीं है. इस मामले में ज्यादातर खपत लोकल लेवल पर तैयार प्रॉडक्ट की ही होती है. आपको बस अपने आस-पास के कुछ दुकान तलाशने होंगे और उन्हें अपना प्रॉडक्ट बेचने के लिए कन्विंस करना होगा. बड़े लेवल पर करना चाहें तो इस सेगमेंट में एक्सपोर्ट के भी ऑप्शंस उपलब्ध हैं.