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FTA के फायदे गिनाने लगे अमित शाह, कहा- अब असम की चाय की चुस्की लेंगे EU के लोग

डिब्रूगढ़ में सालाना अरबों रुपये की चाय पैदा होती है और यहां के मजदूरों की मेहनत ने असम को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाई है. अब FTA से इनका व्यापार और बढ़ने का दावा किया जा रहा है.

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डिब्रूगढ़ में अमित शाह ने FTA  के फायदे गिनाए. (Images: PTI/Unsplash)
डिब्रूगढ़ में अमित शाह ने FTA के फायदे गिनाए. (Images: PTI/Unsplash)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने असम के डिब्रूगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब वो दिन दूर नहीं है, जब असम की चाय की चुस्की यूरोपीय संघ के 27 देशों के लोग लेंगे. 

उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से असम की चाय को यूरोपीय बाजारों में बिना किसी टैरिफ (शुल्क) के पहुंचने का रास्ता खुल जाएगा. यह सौदा असम के चाय उद्योग और उसके उत्पादकों के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर पैदा करेगा.

टैक्स फ्री एक्सपोर्ट बढ़ेगी डिमांड

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस, बर्लिन और अन्य यूरोपीय देशों में इस समझौते के लिए बातचीत की है, जिससे असम की चाय यूरोप के 27 देशों तक टैक्स छूट के साथ एक्सपोर्ट की सुविधा मिलेगी. इससे असम की चाय को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी और एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी होगी. 

दरअसल, सरकार के इस कदम से चाय बागान मजदूरों, उत्पादकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है. बता दें, डिब्रूगढ़ में सालाना अरबों रुपये की चाय पत्ती पैदा होती है और यहां के मजदूरों की मेहनत ने असम को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाई है. 

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अमित शाह ने मजदूरों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र और भारत को दुनिया में एक प्रमुख चाय निर्यातक के रूप में स्थापित किया है. अब यूरोप से कारोबारी समझौते के बाद चाय की निर्यात से आय बढ़ेगी, जिससे असम के चाय उद्यमियों और श्रमिकों की आमदनी मजबूत होगी.

चाय बागान चुनावी मुद्दा

अमित शाह ने FTA को विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया. असम में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, चाय बागान समुदाय एक बड़ा वोटर है और इस तरह के आर्थिक कदमों को मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी चाय बागानों के लोगों को सशक्त बनाने और असम को एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

बता दें, FTA का मकसद सिर्फ चाय तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और EU के बीच व्यापार सहयोग को मजबूत करना है. इस समझौते के तहत  90 फीसदी तक प्रोडक्टस पर टैक्स शून्य कर दिया जाएगा, या फिर बहुत कम लगाया जाएगा. जिससे दोनों देशों के व्यापार को लाभ मिलेगा. यह सौदा दोनों पक्षों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करेगा और वैश्विक व्यापार परिवेश में भारत की स्थिति को और पुख्ता करेगा.
 

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