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यूटिलिटी

ये 4 कारण, और आज बिखर गया शेयर बाजार... अमेरिका में भी भूचाल

बाजार में भूचाल
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मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. सोमवार को भी बाजार ऊपरी स्तरों से फिसल गया था. जबकि सोमवार को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे. बीजेपी को पश्चिम बंगाल और असम में शानदार जीत मिली. लेकिन बाजार में वो तेजी देखने को नहीं मिली, जिसकी उम्मीद की जा रही थी.  

बाजार में अमंगल
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मंगलवार को कारोबार की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई. सोमवार को सेंसेक्स 77,269.40 अंक पर बंद हुआ था. मंगलवार को सेंसेक्स     
77,103.72 अंक पर ओपन हुआ, और ट्रेडिंग के दौरान गिरकर 76,515.03 अंक तक पहुंच गया. दोपहर 1 बजे सेंसेक्स करीब 600 अंक गिरकर कारोबार कर रहा था. (Photo: Getty)
 

निफ्टी में भी गिरावट
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निफ्टी भी फिसलकर मंगलवार को 23900 से नीचे पहुंच गया. निफ्टी में फिलहाल 200 अंकों की गिरावट देखी जा रही है. लेकिन अच्छे चुनावी नतीजों के बावजूद बाजार क्यों गिर रहा है? मुख्यतौर पर इसके 4 कारण हैं. जानकारों की मानें तो बाजार में भारी गिरावट के पीछे खासकर वैश्विक कारण है. 

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 मिडिल-ईस्ट में फिर बवाल 
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1. मिडिल-ईस्ट में फिर बवाल 
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. हॉर्मुज में फिर से अस्थिरता के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर डर का माहौल है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है, अगर अमेरिकी जहाजों पर ईरान ने अटैक किया तो फिर ईरान को तबाह कर देंगे. निवेशक बढ़ते तनाव की वजह से सतर्क हैं. 

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
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2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मिडिल-ईस्ट मे तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ये एक बड़ा झटका है. क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. महंगे कच्चे तेल से चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने और घरेलू मुद्रास्फीति (Inflation) के बढ़ने का जोखिम होता है.
 

बाजार में मुनाफावसूली
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3. बाजार में मुनाफावसूली
सोमवार को अचानक मुनाफावसूली देखने को मिली थी, मंगलवार को भी निवेशक खरीदारी से बच रहे हैं. घरेलू स्तर पर भी बाजार को अभी ठोस संकेतों का इंतजार है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है. मंगलवार को ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है. (Photo: Reuters)

रुपये में दबाव 
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4. रुपये में दबाव 
खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच हुए हमलों के बाद एक बार फिर भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. दोपहर साढ़े 12 बजे रुपया फिसलकर 95.35 तक पहुंच गया है. जिससे बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया है. इसके अलावा मार्केट में घबराहट को मापने वाला इंडेक्स India VIX 1.58% उछलकर फिलहाल 18.59 पर पहुंच गया.

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