आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) अब जमीनी स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्यों के साथ बैठक करना शुरू कर चुका है. अभी दिल्ली में 8वें वेतन आयोग के तहत बैठक की गई. जहां पर कर्मचारी की स्थायी समिति (NC-JCM) ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों को लेकर मांगों को रखा है. (Photo: X/8th PaY commission)
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आयोग के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष, सदस्य सचिव पंकज जैन, वरिष्ठ अधिकारी और हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल थे. कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व शिव गोपाल मिश्रा ने किया. (Photo: ITG)
30 साल में 5 बार प्रमोशन की मांग: यह बैठक आयोग और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच पहली सुनियोजित बैठक थी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह तो अभी शुरुआत है. आगे देशभर में मांगों को समझने, चर्चा करने और जमीनी दौरे की योजना बनाई गई है. कर्मचारी पक्ष की ओर से 10 मांगे रखी गई हैं. कर्मचारियों को 30 सालों की नौकरी में पांच बार प्रमोशन, प्रमोशन पर दो अतिरिक्त वेतन बढ़ोतरी और इसके ऊपर बेहतर सैलरी बढ़ोतरी मांगें रखी गई हैं. (Photo: Pixabay)
अलाउंस में तीन गुना बढ़ोतरी
अलाउंस के तहत कर्मचारियों ने मकान किराया भत्ता (HRA), बाल शिक्षा भत्ता (CEA) और जोखिम भत्ता में तीन गुना बढ़ोतरी की मांग की है. साथ ही इन संशोधनों को महंगाई भत्ता (DA) से जोड़ने की व्यवस्था की भी मांग की है. त्योहार और आपदा एडवांस समेत एडवांस सैलरी, व्हीकल एडवांस की शुरुआत और सेवा के दौरान मृत्यु होने पर वसूली की छूट की भी मांग की गई है. (Photo: Pixabay)
छुट्टियों को लेकर मांगें
आयोग को सौंपे लेटर में छुट्टी को लेकर मांग रखी गई है. इसमें अर्निंग लीव के कैश को बढ़ाकर 600 दिन करने और लीव कैटेगरी का विस्तार करके उनमें बच्चों के केयर, पैटरनिटी लीव, पीरियड लीव, मेडिकल लीव और विकलांगता संबंधी अवकाश को शामिल करने की मांग रखी गई है. सामाजिक सुरक्षा पर कंट्रीब्यूशन स्तरों के साथ सीजीईआईएस बीमा कवरेज को बढ़ाने की मांग की गई है. (Photo: Pixabay)
बोनस और 2 करोड़ मुआवजे का नियम
आकस्मिक मृत्यु होने पर 2 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान की मांग की गई है. इसके अलावा, कर्मचारी पक्ष ने कम्पोसोनेंट अप्वाइंटमेंट पर 5% की सीमा को हटाने और योग्य लोगों के लिए 100% कवरेज की मांग की है. कर्मचारियों ने बोनस संरचना में सुधार की मांग की है, जिसमें सीमा को हटाना और मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता (डीए) के आधार पर गणना करना शामिल है. (Photo: Pixabay)
पेंशन को लेकर मांगें
पेंशन के संबंध में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली/UPS को वापस लेने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने के साथ-साथ पेंशन संशोधन, नागरिक कर्मचारियों के लिए ओआरपी, बढ़ी हुई ग्रेच्युटी, पारिवारिक पेंशन लाभ और हर पांच साल में संशोधन के प्रावधान की मांग उठी है. बैठक के दौरान समय की कमी के कारण, स्टाफ पक्ष ने एक पूरक ज्ञापन प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी है, जिस पर आयोग ने बाद के दौर में विचार करने पर सहमति व्यक्त की है. (Photo: Pixabay)
डेडलाइन में बढ़ोतरी
इसके साथ ही आयोग ने कर्मचारियों की मांग, सुझाव और फीडबैक देने के लिए डेडलाइन को बढ़ा दिया है. पहले ये डेडलाइन 30 अप्रैल था, जिसे बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है. आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को अस्थायी रूप से प्रभावित करने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण इसमें बढ़ोतरी की गई है. (Photo: File/ITG)