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Budget 2020: अब PAN बनवाना होगा आसान, आधार कार्ड से मिलेगा तुरंत

Union Budget 2020: स्थायी खाता संख्या (PAN) बनवाना अब बेहद आसान कर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट में कहा गया कि पैन के लिए अब विस्तृत प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • PAN के लिए विस्‍तृत आवेदन पत्र भरने की जरुरत नहीं
  • आसान होगी जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया

Union Budget 2020: केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज शनिवार को नए दशक का पहला बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए जिसमें पैन (स्थायी खाता संख्या) जारी करने को लेकर बड़ी सहूलियत देने की बात कही है. अब पैन कार्ड (PAN) हासिल करने के लिए विस्तृत आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं होगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि पैन (PAN) जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाने के लिए जल्‍दी ही एक नई व्‍यवस्‍था शुरू की जाएगी, और इसके तहत विस्‍तृत आवेदन पत्र भरने की कोई आवश्यकता नहीं होगी.

तुरंत मिलेगा ऑनलाइन

उन्होंने कहा कि विस्तृत आवेदन पत्र भरने के बगैर आधार के माध्‍यम से तुरंत ही ऑनलाइन PAN का आवंटित कर दिया जाएगा.

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अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में 1 अप्रैल, 2020 से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आसान प्रक्रिया लागू कर दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान करते हुए इसकी विशेषताओं में शून्‍य विवरणी के लिए एसएमएस विवरणी पूर्व फाइलिंग, उन्‍नत इनपुट कर क्रेडिट प्रवाह और समग्र सरलीकरण शामिल हैं.

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उन्होंने कहा कि उपभोक्‍ता इनवॉयस के लिए इसमें डॉयनमिक क्‍यूआर कोड का प्रस्‍ताव किया गया है. खरीदारी के समय क्‍यूआर कोड के माध्‍यम से भुगतान करते समय जीएसटी मानकों का विवरण तत्‍काल हासिल कर लिया जाएगा.

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भारत ने बड़ी छलांग लगाईः वित्त मंत्री

सीमा शुल्क पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सीमा शुल्‍क के संदर्भ में सीमा पार व्‍यापार के क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है. विश्‍व बैंक के कारोबारी सुगमता सूचकांक में भारत 146वें स्‍थान से उठकर 68वें स्‍थान पर आ गया है.

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उन्होंने कहा कि मुक्‍त व्‍यापार समझौते (एफटीए) के तहत देश का आयात बढ़ रहा है. एफटीए लाभों के अनुचित दावे घरेलू उद्योगों के लिए खतरा बन रहे हैं. आगामी महीनों में सरकार उत्‍पादों के मूल उद्गम से जुड़ी आवश्‍यकताओं से संबंधी नियमावली की समीक्षा करेगी. विशेषकर संवेदनशील मदों के लिए ऐसा किया जाएगा, ताकि एफटीए हमारी नीति के अनुरूप हो.

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