ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अब मोबाइल से जुड़े लेन-देन करने वाली वेबसाइट 'FREECHARGE' का अधिग्रहण करने जा रही है. इस डील के जरिए कंपनी मोबाइल से होने वाली शॉपिंग मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है.
यह डील नकदी और शेयरों के रूप में हुई है, हालांकि स्नैपडील ने करार की राशि का खुलासा नहीं किया है. एवं मुख्य कार्यकारी कुणाल बहल ने बताया कि ज्यादातर लेन-देन नकदी में हुआ है. कुणाल ने कहा, 'निजी कंपनी के तौर पर हम करार राशि का खुलासा नहीं कर रहे, हालांकि अधिकांश भुगतान नकद ही हुआ है, जबकि शेष राशि शेयरों के रूप में अदा की गई.'
5 साल पहले शुरू हुई थी
नई दिल्ली से पांच साल पहले शुरू हुई 2011 से छह चरणों में एक अरब डॉलर (6,226 करोड़ रुपये) का वित्त इकट्ठा किया और अब कंपनी में निवेश करने वालों में सॉफ्टबैंक, ब्लैकरॉक, टेमासेक, ईबे, प्रेमजी इनवेस्ट, इंटेल कैपिटल, बैसेमेर वेंचर पार्टनर्स जैसी बड़ी निवेशक कंपनियां हैं जबकि रतन टाटा और टाटा समूह जैसे दिग्गज निजी निवेशक भी हैं.
- इनपुट IANS