शहरी विकास मंत्रालय ने गुरुवार को देश के 20 स्मार्ट सिटी की पहली लिस्ट जारी कर दी, जिसमें अव्वल भुवनेश्वर रहा. मंत्रालय ने बकायदा इसके लिए एक एग्जाम आयोजित किया था, जिसके बाद ही इन स्मार्ट सिटी की ये लिस्ट तैयार हुई. इस एग्जाम में दिल्ली की गद्दी दिलाने वाले दो बड़े प्रदेश बिहार और यूपी पूरी तरह से फेल हो गए. यही नहीं, परिवर्तन का वादा करके सत्ता में आईं ममता दीदी के बंगाल का भी कोई शहर इस लिस्ट में जगह नहीं बना सका.
रेस में सबसे आगे भुवनेश्वर, आखिर में भोपाल
एक विशेष कमेटी ने जनसंख्या, वहां मौजूदा सुविधाओं और दूसरे कारकों के आधार पर इन बीस शहरों की लिस्ट तैयार की है. इस एग्जाम में भुवनेश्वर जहां सबसे ज्यादा 78.83 फीसदी अंक बटोरकर नंबर 1 रहा, वहीं मध्य प्रदेश का भोपाल 55.47% अंक पाकर किसी तरह लिस्ट में 20वें स्थान पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा.
कमेटी ने इन्हें चुनने की प्रक्रिया में आम लोगों की सलाह को भी तरजीह दी है. शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू की मानें तो इस प्रक्रिया में तकरीबन 1.52 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया है.
बाकी शहरों का भी होगा ऐलान
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने लिस्ट जारी करते हुए बताया कि भुवनेश्वर देश का पहला स्मार्ट सिटी बनेगा. सरकार ने स्मार्ट सिटी के लिए जिन अन्य शहरों को चुना है उनमें पुणे, जयपुर, गुवाहाटी, चेन्नई, कोयम्बटूर, जबलपुर शामिल हैं. एम वेंकैया नायडू ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आने वाले 97 शहरों में से अभी 20 का ऐलान किया गया है. बाकी शहरों का ऐलान भी जल्द ही किया जाएगा.
ये हैं स्मार्ट सिटी बनने वाले 20 शहर-
Venkaiah Naidu releases list of First 20
— ANI (@ANI_news)
List of first 20 : Bhubaneswar (Odisha), Pune, Jaipur, Surat, Kochi, Ahmedabad, Jabalpur (MP), Vishakhapatnam
— ANI (@ANI_news)
List of 20 :Solapur,Davangere,Indore,Coimbatore,Kakinada,Belgaum,Udaipur,Guwahati,Chennai,Ludhiana and Bhopal
— ANI (@ANI_news)
करवाए जाएंगे विकास कार्य
आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कुल सौ शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है. नायडू ने बताया कि आने वाले सालों में सरकार ऐसे 40 शहरों की घोषणा करेगी. योजना के तहत सभी शहरों में विकास कार्य करवाए जाएंगे.
परियोजना के तहत स्मार्ट बनाए जा रहे शहरों में पानी और बिजली आपूर्ति, सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, आईटी संपर्क, और जनभागीदारी विकसित की जाएगी.