500 और 1 हजार रुपये के नोट बदलने का काम बैंकों और डाकघरों में शुरू हो गया है. बैंकों और पोस्ट ऑफिसों में लंबी लाइनें लगी हुई हैं, लेकिन कई जगह बैंक ही नहीं खुले हैं. कई जगह 500 और 2000 के नए नोट मिलने शुरू हो गए हैं. वहीं मद्रास हाइकोर्ट ने 500-1000 के नोट पर बैन के खिलाफ याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ये देश के लिए बेहतर कदम है.
राजधानी दिल्ली में पुराने नोट बदलने के लिए लोग सुबह-सुबह ही बैंक पहुंच गए. बैंकों के बाहर लंबी लाइन लगी है. लोगों का कहना है कि बैंक खुलने का समय सुबह 8 बजे बताया गया है, लेकिन अभी तक बैंक नहीं खुले हैं. जहां बैंक खुले हैं, वहां कैश नहीं होने की बात कही जा रही है. दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, मुंबई, राजस्थान, हरियाणा में भी लोग सुबह 7 बजे से ही बैंक में लाइन लगाकर खड़े हैं. SBI की एमडी अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि ग्राहक एटीएम से 4,000 रुपये और बैंक काउंटर से 10,000 रुपये निकाल सकते हैं. इसके अलावा चाहे जितने पैसे जमा कर सकते हैं.
Nagpur: People throng banks as it reopens for first time after Govt withdraws Rs 500/1000 notes (in pics:People pose with new Rs 2000 notes)
— ANI (@ANI_news)
...तो होगी कार्रवाई: जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जिन लोगों के पास ज्यादा अघोषित संपत्ति है उन्हें टैक्स लॉ के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से लोग घबराए नहीं. वीकेंड पर भी बैंक खुले रहेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों तक जल्दी नए करेंसी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
Delhi: People queue up outside banks in Vasant Vihar to exchange scrapped notes after Govt announcement to withdraw Rs 500/1000 notes
— ANI (@ANI_news)
Gujarat: Huge crowd gathered outside banks in Ahmedabad to exchange scrapped notes after Govt announcement to withdraw Rs 500/1000 notes
— ANI (@ANI_news)
Madhya Pradesh: Arrangements being done by banks in Bhopal for the convenience of customers; huge rush expected today
— ANI (@ANI_news)
Kolkata: People throng banks as it reopens today for the first time after Govt scraps Rs 500/1000 notes; queue up to deposit/exchange notes
— ANI (@ANI_news)
Mumbai: People throng banks to exchange notes after Govt's announcement to withdraw Rs 500/1000 notes threw normal life out of gear
— ANI (@ANI_news)
कालेधन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने उठाया कदम
कालेधन पर लगाम लगाने को लेकर केंद्र सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के बाद गुरुवार को सभी बैंक खुले हैं. बैंकों में सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक काम होगा. लोगों की परेशानियों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार और रविवार को भी सभी बैंक खुले रखने के फैसला किया है. वहीं, 500 और 2000 के नए नोट आज मार्केट में आ जाएंगे. लोग आज से अपने पुराने नोट बैंक में बदल सकते हैं.
मेट्रो और अस्पतालों में स्वीकार किए जाएंगे पुराने नोट
मंगलवार आधी रात से के बंद होने के बाद से लोगों में हड़कंप मचा है. बुधवार को सभी बैंक और एटीएम बंद रहे. आईसीसीआई बैंक समेत सभी बैंकों ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि शनिवार और रविवार को बैंक में कामकाज होगा. 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट 11 नवंबर तक मेट्रो स्टेशनों और अस्पतालों में स्वीकार किए जाएंगे. वहीं, 11 नवंबर तक देश के किसी भी टोल प्लाजा में टैक्स नहीं लगेगा.
शुक्रवार से ATM से निकलेंगे नए नोट
वित्त सचिव अशोक लवासा ने बुधवार को साफ किया है कि शुक्रवार से सभी में 500 और 2000 रुपये के नए नोट उपलब्ध रहेंगे. बता दें, सरकार ने पहले मंगलवार को घोषणा की थी कि सभी एटीएम दो दिनों के लिए बंद रहेंगे. जब शुक्रवार को एटीएम खुलेंगे, तो एक व्यक्ति एक कार्ड के जरिए 18 नवंबर तक 2000 रुपये प्रतिदिन निकाल सकता है. बाद में इसकी लिमिट बढ़ाकर 4000 रुपये कर दी गई है.
30 दिसंबर तक बदलें नोट
पीएम मोदी ने कहा था कि जिनके पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं वो 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक और प्रमुख डाकघरों में जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम ले सकते हैं. जो इस समय सीमा के अंदर नोट नहीं बदल पाएंगे, वो 31 मार्च 2017 तक बैंक से अपने नोट बदल सकेंगे. इसको लेकर लोगों को बैंक में दिखाने होंगे.
कालाधन पर लगाम लगाने की कोशिश
पीएम ने कहा कि 500 और एक हजार के नोटों के अलावा बाकी सभी नोट और सिक्के नियमित हैं और उनसे लेन-देन हो सकता है. आपके पास 50 दिनों का समय है. साथ ही पीएम ने कहा कि अगर किसी वजह से 30 दिसंबर तक लोग ये नोट जमा नहीं कर पाए, तो उन्हें एक आखिरी मौका भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पैसे कमाने वाले नागरिकों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी.
जीडीपी का 20 फीसदी हिस्सा है कालाधन
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कालाधन 30 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो जीडीपी का 20 फीसदी है. हालांकि, फिलहाल 16.6 लाख करोड़ में है. एक्सपर्ट की मानें, तो ये कालाधन ज्यादातर सोने या रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट के रूप में है. कालेधन पर 2012 में प्रकाशित वित्त मंत्रालय के श्वेत पत्र में यह कहा गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट कुल जीडीपी का 11 फीसदी शेयर करता है.
चुनावी खर्च पर भी पड़ेगा असर
एक्सपर्ट का कहना है कि मोदी सरकार का ये फैसला सोने और पर असर जरूर डालेगा. यूपी और पंजाब में चुनाव नजदीक हैं. कैंपेनिंग के लिए राजनीतिक पार्टियां खूब पैसा बहा रही हैं. माना जा रहा है कि मोदी सरकार का ये फैसला राजनीतिक पार्टियों के चुनाव में खर्च को भी प्रभावित करेगा.