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विजय जुटा रहे हैं बहुमत, आलीशान रिसॉर्ट में AIADMK MLA कर रहे मौज!

तमिलनाडु में सरकार बनाने की खींचतान के बीच 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' की वापसी हो गई है, जहां AIADMK ने अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए पुडुचेरी के एक आलीशान रिसॉर्ट में भेज दिया है.

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पुडुचेरी के इस लग्जरी रिसॉर्ट में AIADMK विधायक (Photo-ITG)
पुडुचेरी के इस लग्जरी रिसॉर्ट में AIADMK विधायक (Photo-ITG)

तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर खींचतान काफी तेज हो गई है. ऐसे में AIADMK पार्टी को डर है कि उसके विधायक दूसरी पार्टियों में न चले जाएं. इसी डर से पार्टी ने अपने नए चुने गए विधायकों को चेन्नई से दूर पुडुचेरी के एक बेहद आलीशान रिसॉर्ट में भेज दिया है.  

विधायकों को महल जैसी सुख-सुविधाएं दी जा रही हैं. प्राइवेट पूल और शानदार कमरे हैं. कहने को तो इन्हें सुरक्षित रखने के लिए वहां रखा गया है, लेकिन असल में यह एक लग्जरी छुट्टियों जैसा लग रहा है. तमिलनाडु की राजनीति में जब भी विधायकों को इस तरह छिपाकर रखा जाता है, तो इसे 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' कहा जाता है.

पार्टी के विधायक वर्तमान में 'द शोर त्रिशवम' (The Shore Trishvam) रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं, जहां  उनके लिए प्राइवेट पूल, समुद्र के किनारे वाले कमरे, शानदार खाना और मनोरंजन के तमाम इंतज़ाम हैं. विधायकों को नज़रबंद रखने के बहाने असल में उन्हें एक आलीशान छुट्टियों का मज़ा दिया जा रहा है.

तमिल नाडु में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

TVK को 10 सीटों की जरूरत

यह कदम उस समय उठाया गया है जब अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी TVK, तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद बहुमत का आंकड़ा जुटाने की कोशिश में लगे हैं. 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतने के बावजूद, TVK सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से 10 सीटें दूर है.

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कांग्रेस, जिसने पांच सीटें जीती हैं, उसने पहले ही अपना समर्थन दे दिया है, जबकि वामपंथी दल, VCK और IUML अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इस अनिश्चितता के बीच, AIADMK के 47 विधायक अचानक राज्य के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक समूह बन गए हैं, जिन पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

पुडुचेरी लग्जरी लॉकडाउन

पार्टी सूत्रों के अनुसार, AIADMK के विधायकों को कड़ी निगरानी में पुडुचेरी भेज दिया गया है, जिसका पूरा खर्च पार्टी उठा रही है. सूत्रों ने बताया कि विधायकों की निगरानी AIADMK विधायक लीमा रोज़ और LJK के जोस चार्ल्स मार्टिन कर रहे हैं, साथ ही बातचीत को लेकर सख्त अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने विधायकों को आदेश दिया है कि वे विपक्षी दलों, मीडियाकर्मियों या किसी भी बाहरी व्यक्ति से बात न करें. उन्हें कहा गया है कि यदि उनके सामने कोई उलझन आए या कोई राजनीतिक दल उनसे संपर्क करने की कोशिश करे, तो वे सीधे पलानीस्वामी से संपर्क करें.

पुडुचेरी के उस लग्जरी रिसॉर्ट के अंदर का हाल

क्या है इस रिसॉर्ट की खूबियां ?
 
हालांकि, रिसॉर्ट के भीतर का माहौल चेन्नई में चल रही जोड़-तोड़ की तनावपूर्ण राजनीति से बिल्कुल अलग और शांत नजर आ रहा है. पुडुचेरी के तट पर स्थित यह रिसॉर्ट अपने विशाल विला, प्राइवेट पूल, समुद्र की ओर खुलने वाले कमरे, सुंदर बगीचों और बेहतरीन खान-पान के लिए जाना जाता है. यहां मेहमान स्पा थेरेपी, इनडोर गेम, समुद्र के किनारे घूमने और लग्जरी सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं, जो तमिलनाडु में फैली राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल से बिल्कुल उलट है. हालांकि, AIADMK ने सार्वजनिक रूप से इस बात से इनकार किया है कि विधायक वहां किसी गुप्त समझौते या बातचीत के लिए मौजूद हैं.

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ANI के अनुसार, AIADMK नेता के.पी. अनबलगन ने कहा, "हमें विजय का समर्थन करने के लिए यहां इकट्ठा होने की क्या ज़रूरत है. विजय जैसे लोगों को यहां सरकार नहीं बनानी चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "वह सिर्फ एक फिल्मी अभिनेता हैं. अपनी सिनेमाई लोकप्रियता का इस्तेमाल कर विजय माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हम विजय का समर्थन कभी नहीं करेंगे." उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में लगभग 40 विधायक वहां ठहरे हुए हैं.

तमिलनाडु में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति

रिसॉर्ट का यह ड्रामा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्यपाल कार्यालय ने सरकार गठन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से रोक दिया है. तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार को विजय को सूचित किया कि TVK ने अभी तक सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन साबित नहीं किया है.

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु गवर्नर और विजय दोनों के लिए बेहतर है दोबारा चुनाव, दिलचस्प सुझाव आया है

इस घटनाक्रम पर कांग्रेस, वामपंथी दलों और VCK की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है. इन सभी ने राज्यपाल पर संवैधानिक प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया है. CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने तर्क दिया कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी को पहले आमंत्रित किया जाना चाहिए और सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए. 

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इस बीच, TVK के नेताओं ने बहुमत की कमी को पूरा करने की उम्मीद में छोटी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं. DMK, महज 59 सीटों पर सिमटने के बावजूद, अपने गठबंधन सहयोगियों को एकजुट रखने के लिए चुपचाप काम कर रही है, जिसने सत्ता के इस संघर्ष को और अधिक दिलचस्प बना दिया है.

AIADMK के लिए इस समय दांव पर बहुत कुछ लगा है. सूत्रों के संकेत दिया है कि भविष्य में किसी भी बातचीत के दौरान पार्टी की मुख्य मांगों में उपमुख्यमंत्री पद और महत्वपूर्ण कैबिनेट विभाग शामिल हो सकते हैं. हालांकि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से विजय (TVK) को समर्थन देने से इनकार कर रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अपने विधायकों को एक लग्जरी रिसॉर्ट में अलग-थलग रखने का फैसला असल में दलबदल, प्रलोभन के प्रयासों और आखिरी वक्त में होने वाली राजनीतिक जोड़-तोड़ के डर को दर्शाता है.

यह भी पढ़ें: विजय के विधायकों की सीधी धमकी, DMK-AIADMK ने मिलकर बनाई सरकार तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

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