नोएडा एक्सटेंशन और सिद्धार्थ विहार आज के समय में प्रॉपर्टी खरीदने और निवेश करने के लिए दो सबसे पसंदीदा इलाके बन चुके हैं. ये दोनों क्षेत्र दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बिल्कुल पास स्थित हैं, जिससे यहां से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद आना-जाना बहुत आसान हो जाता है.
अगर इसके इतिहास की बात करें, तो नोएडा एक्सटेंशन को एक आधुनिक शहर के रूप में बसाने की योजना ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 1990 के दशक में ही शुरू कर दी थी. हालांकि, जमीन के अधिग्रहण को लेकर किसानों और सरकार के बीच कुछ कानूनी विवाद पैदा हो गए थे, जिसकी वजह से काम काफी समय तक रुका रहा. आखिरकार, सितंबर 2012 में जब इन विवादों का समाधान हो गया, तब अथॉरिटी ने यहां विकास कार्यों को एक नई और ताज़ा शुरुआत दी. आज यह इलाका अपनी चौड़ी सड़कों और ऊंची इमारतों के लिए जाना जाता है.
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नोएडा एक्सटेंशन क्यों खास?
नोएडा एक्सटेंशन, जिसे आधिकारिक तौर पर 'ग्रेटर नोएडा (वेस्ट)' के नाम से जाना जाता है, लगभग 3,635 हेक्टेयर यानी 36.35 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है. यह इलाका नोएडा के सेक्टर 121 से मात्र 4-5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सेक्टर 121 से हिंडन नदी पार करने वाली सड़क ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 1, 2, 3, 4, 16B, 16C, 10, 12, टेकजोन और नॉलेज पार्क 5 जैसे प्रमुख हिस्सों को जोड़ती है.
गौतम बुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में हाल के दिनों में 'शोभा लिमिटेड' (Sobha Ltd) जैसे प्रीमियम बिल्डरों की एंट्री हुई है, इसके अलावा, यहां गौर ग्रुप, एटीएस, गोदरेज प्रॉपर्टीज, ऐस ग्रुप, एल्डिको, महागुन, गुलशन, सीआरसी ग्रुप और निराला वर्ल्ड जैसे बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स भी मौजूद हैं.
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क्या है प्रॉपर्टी का दाम?
नोएडा एक्सटेंशन में अपार्टमेंट्स की औसत कीमत लगभग 8,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के आसपास रहती है, दूसरी ओर, गाजियाबाद जिले में स्थित सिद्धार्थ विहार मात्र 5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. यहां का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन 'शहीद स्थल' है, जो यहां से लगभग 3.5 किलोमीटर दूर है. इस पूरे इलाके को यूपी आवास एवं विकास परिषद द्वारा विकसित किया गया है.
हाल ही में दक्षिण भारत की बड़ी रियल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज ग्रुप (Prestige Group) ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के किनारे अपना नया हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च किया है. गाजियाबाद के इस प्रीमियम मार्केट में प्रतीक ग्रुप, गौर ग्रुप (गॉर संस), वेव इंफ्राटेक, एपेक्स द क्रेमलिन और ट्रुवे फ्रैग्रेंस होम्स जैसे बड़े बिल्डर पहले से ही मौजूद हैं. नोएडा एक्सटेंशन की तुलना में सिद्धार्थ विहार दिल्ली के अधिक करीब है, और मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए यहां बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है.
क्या है एक्सपर्ट की राय?
सिद्धार्थ विहार के अपार्टमेंट्स में औसत प्रॉपर्टी रेट 9,000 रुपये से 9,400 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच चल रहे हैं, इन दोनों लोकेशन्स के फायदे और नुकसान के बारे में एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय है.
इन्वेस्टोएक्सपर्ट एडवाइजर्स के संस्थापक और एमडी विशाल रहेजा कहते हैं- "सिद्धार्थ विहार निवेश में स्थिरता, बेहतर रेंटल इनकम और अनुमानित रिटर्न प्रदान करता है, जबकि नोएडा एक्सटेंशन उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त है जो लंबे समय में प्रॉपर्टी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद रखते हैं. निवेश का सही चुनाव पूरी तरह से व्यक्ति की जोखिम लेने की क्षमता, समय सीमा और रिटर्न के लक्ष्यों पर निर्भर करता है."
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सिद्धार्थ विहार के विकास का मुख्य कारण दिल्ली से इसकी निकटता, NH-24/NH-9 के जरिए आसान पहुंच और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित RRTS कनेक्टिविटी जैसा बुनियादी ढांचा है. इंदिरापुरम और सेंट्रल नोएडा जैसे महंगे इलाकों की तुलना में सस्ता होने के कारण, यह उन खरीदारों के लिए पहली पसंद बन गया है, जो कम बजट में अच्छी सुविधाएं और बेहतरीन कनेक्टिविटी चाहते हैं. यही वजह है कि यहां कीमतें 2021 के 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर आज लगभग 9,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं.
नोएडा एक्सटेंशन, बड़े पैमाने पर विकास
दूसरी ओर, नोएडा एक्सटेंशन बड़े पैमाने पर और तेजी से बढ़ने वाला बाजार है. यहां जमीन की अधिक उपलब्धता, सड़कों का चौड़ा जाल और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कमर्शियल हब से निकटता के कारण कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. यहां रेट्स 2021 के 3,900 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर आज लगभग 9,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के करीब पहुंच गए हैं.
मैजिकब्रिक्स रिसर्च (MagicBricks Research) के अनुसार, पिछले 12 महीनों और साल 2025 के दौरान सिद्धार्थ विहार रिटर्न देने के मामले में नोएडा एक्सटेंशन से कहीं आगे रहा है. सिद्धार्थ विहार में प्रॉपर्टी की कीमतों में सालाना आधार पर लगभग 23–24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो नोएडा एक्सटेंशन की 12–13% की वृद्धि के मुकाबले लगभग दोगुनी है. गौर करने वाली बात यह है कि सिद्धार्थ विहार में यह उछाल तब आया है जब वहां कीमतें पहले से ही अधिक (लगभग ₹9,800 प्रति वर्ग फुट) थीं, जबकि नोएडा एक्सटेंशन का बेस प्राइस लगभग ₹8,600 प्रति वर्ग फुट था. यह सिद्धार्थ विहार के प्रति बाजार के मजबूत भरोसे को दर्शाता है.
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लोहिया वर्ल्डस्पेस के डायरेक्टर पीयूष लोहिया का कहना है - 'पिछले पांच-छह सालों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इसका कारण वहां रहने वालों की बढ़ती मांग, बेहतर होती सुविधाएं और नए मॉल व कमर्शियल केंद्रों का खुलना है. अब यह बाजार काफी मैच्योर हो चुका है, जहां प्रॉपर्टी को बेचना आसान है और किराया भी स्थिर मिलता है. यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो मध्यम समय के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं. दूसरी ओर, सिद्धार्थ विहार अभी विकास के शुरुआती लेकिन बहुत ही भरोसेमंद दौर में है. यहां एंट्री लेवल की कीमतें अभी कम हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बन रहा है, जिससे भविष्य में प्रॉपर्टी के दाम बहुत ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है.'
टीआरजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन शर्मा बताते हैं कि मार्केट ट्रेंड के अनुसार, 2019 के बाद से गाजियाबाद में प्रॉपर्टी की कीमतों में कुल 139% का उछाल आया है. सिद्धार्थ विहार में पिछले दो सालों में ही कीमतें 30% से 67% तक बढ़ी हैं, क्योंकि यहां कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और घर खरीदने वालों की रुचि बढ़ी है. इसी तरह, नोएडा एक्सटेंशन में भी कीमतें बढ़ी हैं. जो रेट 2020 में ₹3,200 से ₹4,800 प्रति वर्ग फुट थे, वे 2025 में बढ़कर ₹5,000 से ₹7,500 के बीच पहुंच गए हैं, जहां हर साल 10% से 12% की बढ़त देखी गई. पिछले पांच सालों में पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कीमतें लगभग 98% बढ़ी हैं. इन सब बातों को देखते हुए, निवेश पर ज्यादा मुनाफे के लिए सिद्धार्थ विहार एक बेहतरीन जगह है, जबकि किफायती और मिड-रेंज घरों के लिए नोएडा एक्सटेंशन में भी बढ़त की अच्छी संभावनाएं हैं.'
(रिपोर्ट: असीम थपलियाल)
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