scorecardresearch
 

50 हजार से 1 लाख है आपकी सैलरी, NCR में घर सपना या हकीकत, जानें कड़वा सच

बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की ऊंची कीमतों के बीच, दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदना मध्यम वर्ग के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गया है. 2bhk फ्लैट की कीमत भी एक करोड़ तक पहुंच गई है.

Advertisement
X
दिल्ली-एनसीआर में मिडिल क्लास लोग कैसे खरीदें घर (Photo-ITG)
दिल्ली-एनसीआर में मिडिल क्लास लोग कैसे खरीदें घर (Photo-ITG)

'अपना घर' यह शब्द हर उस इंसान के लिए सुकून देता है, जो दिल्ली-NCR की भागदौड़ भरी जिंदगी में किराए के मकान में रह रहा है. लेकिन क्या आज के दौर में यह सुकून खरीदना मुमकिन है. खासकर उस मध्यम वर्ग के लिए जिसकी मासिक आय 50,000 से 1,00,000 रुपये के बीच है. 

आजतक रेडियो के शो 'प्रॉपर्टी से फायदा' में रियल एस्टेट एक्सपर्ट रोहित धीमान ने बताया- 'अफोर्डेबल हाउसिंग का असली मतलब तब है जब आपकी ईएमआई (EMI) आपकी आय के 30-40% से ज्यादा न हो. अगर किसी की सैलरी 1 लाख रुपये है, तो वह अधिकतम 40,000 रुपये की ईएमआई वहन कर सकता है. मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से उसे लगभग 40-45 लाख रुपये तक का लोन मिल पाएगा. अब सवाल यह है कि क्या दिल्ली-NCR में इस कीमत पर रहने लायक घर उपलब्ध हैं.'

रोहित बताते हैं कि नोएडा के प्रमुख सेक्टरों और गुड़गांव के साइबर सिटी जैसे इलाकों में घर खरीदना अब मध्यम वर्ग की पहुंच से लगभग बाहर हो चुका है. नोएडा के अच्छे सेक्टर्स में 2BHK की शुरुआती कीमत भी अब 80 लाख से ऊपर जा चुकी है. ऐसे में 1 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति भी वहां खुद को 'कमजोर' महसूस करता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बुर्ज खलीफा के इस पेंटहाउस का जितना साल का किराया, भारत में खरीद लेंगे 10 लग्जरी फ्लैट

'अफोर्डेबल' के नाम पर लोकेशन का 'मिथ'

एक्सपर्ट रोहित धीमान ने एक बड़े खतरे की ओर इशारा किया वो कहते हैं- 'लोग सस्ते घर के चक्कर में शहर से इतनी दूर निकल जाते हैं जहां न स्कूल है, न मेट्रो और न ही बुनियादी ढांचा. अक्सर लोग 6.5 लाख या 13.5 लाख का विज्ञापन देखकर निवेश तो कर देते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह इलाका अभी रहने लायक ही नहीं है. बिना ग्राउंड चेक और कनेक्टिविटी देखे घर लेना निवेश नहीं, बल्कि एक रिस्क है.'

अफोर्डेबल हाउसिंग की भारी डिमांड का फायदा ठग भी उठा रहे हैं. रोहित धीमान ने चेतावनी दी कि कई बार एजेंट 'गारंटीड अलॉटमेंट' के नाम पर पैसे लेकर गायब हो जाते हैं. निवेश से पहले RERA रजिस्ट्रेशन और बिल्डर के ट्रैक रिकॉर्ड की जांच करना अनिवार्य है.

यह भी पढ़ें: लखनऊ या नोएडा, निवेश के लिए कौन सा शहर है 'हॉट' डेस्टिनेशन?

एक्सपर्ट की सलाह: कहां है उम्मीद?

अगर आपकी सैलरी 50 हजार से 1 लाख के बीच है, तो एक्सपर्ट के मुताबिक आपको नोएडा एक्सटेंशन (ग्रेटर नोएडा वेस्ट), यमुना एक्सप्रेसवे या सोना रोड जैसे उभरते इलाकों में छोटे फ्लैट्स या रिसेल प्रॉपर्टी की तलाश करनी चाहिए. यहां अब भी कुछ ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो आपके बजट में फिट हो सकते हैं, बशर्ते आप कनेक्टिविटी से थोड़ा समझौता करने को तैयार हों.

Advertisement

दिल्ली-NCR में घर लेना अब 'इम्पॉसिबल' तो नहीं, लेकिन 'चुनौतीपूर्ण' जरूर है. सही रिसर्च, सही लोकेशन और फ्रॉड से बचाव ही आपके घर के सपने को हकीकत में बदल सकता है.

 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement