उत्तर प्रदेश में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद (UPAVP) एक शानदार मौका लेकर आई है. अपनी आधिकारिक वेबसाइट upavp.in के माध्यम से घोषणा की है कि यूपी के कई प्रमुख शहरों में उनके फ्लैटों पर 15 फीसदी तक की भारी छूट दी जा रही है.
यह योजना 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come First Serve) के आधार पर है, जिसका मतलब है कि जो खरीदार पहले पंजीकरण कराएगा, उसे अपनी पसंद का फ्लैट चुनने का पहला मौका मिलेगा.
यह भी पढ़ें: सिर्फ करोड़ों के फ्लैट नहीं, गुरुग्राम के वो 5 ठिकाने जहां बजट में मिलेगा घर
किन शहरों में है फ्लैट?
लखनऊ की अवध विहार और वृंदावन योजना से लेकर गाजियाबाद के मंडोला विहार और मेरठ, आगरा, मुरादाबाद जैसे शहरों में हजारों फ्लैट्स इस स्कीम के दायरे में शामिल किए गए हैं. अगर कोई खरीदार फ्लैट के आवंटन के 60 दिनों के भीतर कुल कीमत का एकमुश्त भुगतान कर देता है, तो उसे सीधे 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. वहीं, यदि भुगतान 61 से 90 दिनों के बीच किया जाता है, तो यह छूट 10 प्रतिशत होगी. इसके अलावा, परिषद ने सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए विशेष सम्मान दिखाते हुए इस रियायत को 20 प्रतिशत तक रखा है. यह पहल उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, जिनके पास बचत है और वे तत्काल भुगतान कर लाखों रुपये बचाना चाहते हैं.
खरीदारों की सुविधा के लिए परिषद ने पजेशन के नियमों में भी बड़ी ढील दी है. अब खरीदार को फ्लैट में रहने के लिए पूरी रकम जमा होने तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. फ्लैट की कुल कीमत का मात्र 50 प्रतिशत भुगतान करते ही परिषद फ्लैट का कब्जा खरीदार को सौंप देगी. बाकी की 50 फीसदी राशि को चुकाने के लिए ग्राहकों को 10 साल तक की आसान किस्तों (EMIs) का विकल्प दिया गया है. इस कदम से मध्यम वर्ग के उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो किराए के बोझ से बचकर अपने घर में शिफ्ट होना चाहते हैं और साथ ही धीरे-धीरे अपनी बकाया राशि चुकाना चाहते हैं.
कैसे करें अप्लाई?
आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया गया है. इच्छुक आवेदकों को सबसे पहले परिषद की वेबसाइट upavp.in पर जाकर 'Online Registration of Flats' लिंक का चयन करना होगा। वहां उपलब्ध विभिन्न शहरों और प्रोजेक्ट्स की सूची में से अपनी पसंद का फ्लैट चुनकर, ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह योजना 31 मार्च 2026 तक वैध है. चूंकि यह 'पहले आओ, पहले पाओ' की तर्ज पर है, इसलिए पसंदीदा लोकेशन और फ्लोर पाने के लिए समय पर आवेदन करना अनिवार्य है. भुगतान की विस्तृत शर्तों और ब्रोशर के लिए परिषद ने अपनी वेबसाइट पर सभी दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से साझा किए हैं.
यह भी पढ़ें: बजट के बाहर हुए घर तो ग्राहकों ने मोड़ा मुंह, ठंडा पड़ा रियल एस्टेट मार्केट