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टैरिफ का असर... इन कीमती चीजों का एक्‍सपोर्ट गिरा, नए मार्केट में बढ़ी डिमांड

भारत के जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी सेक्‍टर का एक्‍सपोर्ट दिसंबर 2025 में गिरा है. अब इस सेक्‍टर के निर्यातक अमेरिका के साथ ही कई अन्‍य सेक्‍टर में भी एंट्री ले रहे हैं और अपना पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

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जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी का एक्‍सपोर्ट गिरा. (Photo: Representative/ITG)
जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी का एक्‍सपोर्ट गिरा. (Photo: Representative/ITG)

ट्रंप के टैरिफ लागू होने के बाद भी भारत ने अमेरिका को पिछले साल की तुलना में ज्‍यादा चीजों का एक्‍सपोर्ट किया है, लेकिन कुछ सेक्‍टर्स में मामूली गिरावट भी आई है. इसी में से एक सेक्‍टर जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी निर्यात का है. दिसंबर 2025 में भारत के जेम्‍स एंड ज्‍वेलरी निर्यात में 4.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो कुल मिलाकर 1,883.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर (16,978.44 करोड़ रुपये) रहा. 

रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के अनुसार,  दिसंबर 2024 में इन चीजों का एक्‍सपोर्ट 1,982.62 मिलियन डॉलर था. अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान, कुल निर्यात 20,751.28 मिलियन डॉलर पर स्थिर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.41 प्रतिशत की मामूली गिरावट है. 

हालांकि इस सेक्‍टर में सोने, चांदी ओघ्‍र प्‍लेटिनम की ज्‍वेलरी में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली, जिससे  तराशे और पॉलिश किए गए हीरों और लैब में बने हीरों के कमजोर परिणामों को स‍ंतुलित करने में मदद मिली. GJEPC के अध्‍यक्ष किरित भंसाली ने कहा कि यह प्रवृत्ति उत्‍पाद में मिश्रण अनुकूलन, वैल्‍यू एडिशन और निर्यात के अलग -अलग गंतव्‍यों के माध्‍यम से उद्योग की अनुकूलन क्षमता को दिखाती है. 

नए मार्केट में बढ़ रही पहुंच
उन्‍होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से नए और वैकल्पिक बाजारों में महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हो रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात को निर्यात में साल-दर-साल 28.08 प्रतिशत की तेजी आई और यह 6.89 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि हांगकांग को निर्यात में 28.19 प्रतिशत की उछाल हुई है और यह 4.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया. 

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ऑस्ट्रेलिया को निर्यात में भी 39.83 प्रतिशत की तेज उछाल हुई और यह 277.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. GJEPC ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हुए हैं. ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और अन्य देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते शुल्क कम करके और व्यापार बाधाओं को कम करके प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाएंगे. 

चांदी की ज्‍वेलरी की डिमांड
दिसंबर 2025 में चांदी के आभूषणों का निर्यात 248.74 प्रतिशत बढ़कर 179.46 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी माह में यह 51.46 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. सोने की ज्‍वेलरी का निर्यात 16.31 प्रतिशत घटकर 732.28 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया, वहीं पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात 2.56 प्रतिशत घटकर 82.87 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया. दिसंबर में कटे और पॉलिश किए गए हीरों का कुल  निर्यात 2.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 794.93 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक रहा. 

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