आर्टिफिशियल इंटेलिजेंश (AI) से शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ है. अमेरिका से एशियाई बाजार और अब भारतीय शेयर बाजार तक भारी गिरावट आई है. सेंसेक्स-निफ्टी में बिकवाली हावी हुई है, क्योंकि IT स्टॉक में तेज गिरावट देखी जा रही है. TCS, Infosys, Tech Mahindra और Wipro जैसे शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट आई है. वहीं अमेरिकी बाजार में आईटी शेयरों का इंडेक्स नैसडैक 2 फीसदी से ज्यादा गिरा है. हालांकि गोल्ड और सिल्वर के कीमतों में रिकवरी देखी जा रही है.
शुक्रवार को सुबह 10.45 बजे तक सेंसेक्स 739.44 अंक या 0.89% गिरकर 82,932.25 पर कारोबार कर रहे थे, जबकि निफ्टी 241.45 अंक या 0.94% टूटकर 25,598. 10 पर कारोबार करे थे.बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 27 शेयरों में तेज गिरावट है. आईटी शेयरों में करीब 6 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है. इसके अलावा, रिलायंस के शेयर 1.40 फीसदी गिरे हैं.
सोना और चांदी का यू-टर्न
गुरुवार देर रात सोने और चांदी के दाम में भारी गिरावट आई थी. सोना करीब 6000 रुपये गिरकर 1.52 लाख रुपये पर आ गया था, जबकि चांदी करीब 26000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये पर आ गई थी. हालांकि अब सोना और चांदी के भाव में तेजी देखी जा रही है. सोना करीब 2000 रुपये चढ़कर 1.55 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है और चांदी 6000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 2.42 लाख रुपये पर आ चुकी है. लेकिन गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में अभी भी 6 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है.
इंटरनेशनल स्तर पर भी गिरे थे गोल्ड-सिल्वर
सोना और चांदी के दाम इंटरनेशलन लेवल पर भी गुरुवार को गिरे. मजबूत अमेरिकी रोजगार डाटा और रेट कट की उम्मदें कमजोर होने के बाद सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली. अमेरिका (COMEX/Spot) में सोना लगभग 2.3–2.8% गिरकर लगभग $4,980–$4,940 प्रति औंस के करीब आ गया और चांदी लगभग 8.8% गिरावट के बाद $75–$76 पर आ गई.
अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट
अमेरिकी मार्केट में गुरुवार देर रात को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98 , नैसडैक 469.32 अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76 पर आ गया. यह बड़ी गिरावट एआई में एआई की वजह से आई है.
आखिर क्यों एआई की वजह से गिर रहा बाजार?
एआई (Artificial Intelligence) की वजह से आईटी शेयरों में गिरावट आई है, क्योंकि अब कई एआई कंपनियों का दावा है कि जो आईटी कंपनियां ज्यादा लागत और ज्यादा टाइम में काम करती हैं, वह ये काम फटाफट निपटा देगा. इसका मतलब है कि आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर संकट आ गया है, जिससे इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट हावी है और शेयर बाजार दबाव में आ गया है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)