दुनियाभर के शेयर बाजार फिर से दहशत (Stock Market Fear) में हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार तेल-न्यूक्लियर प्लांट पर अटैक की खबरें और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के चलते अमेरिका से लेकर जापान तक भूचाल देखने को मिल रहा है. जहां बीते सप्ताह इस तनातनी के बीच US Stock Market बड़ी गिरावट लेकर क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को खुलने के साथ ही एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया है.
ब्रिटेन, हांगकांग समेत तमाम देशों के शेयर मार्केट में भगदड़ मची हुई है. इस बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी भी बड़ी गिरावट लेकर कारोबार करता हुआ नजर आया. खबर लिखे जाने तक Gift Nifty करीब 200 अंक फिसलकर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है.
Gift Nifty में बड़ी गिरावट
सबसे पहले बात करते हैं भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेतक माने जाने वाले गिफ्ट निफ्टी इंडेक्स के बारे में, तो ये सोमवार को खुलने के साथ ही बिखरा हुआ नजर आया. खबर लिखे जाने तक Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. अक्सर इस इंडेक्स में गिरावट सीधे सेंसेक्स-निफ्टी पर असर डालती है और मिल रहे निगेटिव सिग्नल भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट की ओर इशारा करते नजर आ रहे हैं.
जापान, हांगकांग से ब्रिटेन तक भगदड़
एशियाई शेयर बाजारों की चाल पर नजर डालें, तो जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) करीब 600 अंक फिसलकर 60,800 पर ट्रेड कर रहा था. तो वहीं हांगकांग का Hangseng Index भी 385 अंक या 1.47 फीसदी की गिरावट लेकर 25,580 के लेवल पर आ गया था. इसके अलावा ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.
अन्य एशियाई शेयर बाजारों पर नजर डालें, तो साउथ कोरिया के कोस्पी (South Korea Kospi) को छोड़कर अन्य सभी गिरावट देखने को मिली. DAX (510 अंक) तो CAC (150 अंक) की गिरावट में था. कोस्पी करीब 100 अंक चढ़कर कारोबार करता दिखा.
US Market भी हुआ था क्रैश
बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में भी क्रैश देखने को मिला था. Dow Jones जहां 537 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ था, तो वहीं DOw Futures में 407 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इसके अलावा S&P भी मामूली रूप से फिसलकर लाल निशान पर बंद हुआ था और वहीं NASDAQ की बात करें, तो 410 अंक से ज्यादा क्रैश हो गया था.
क्यों दहशत में हैं शेयर बाजार?
जापान से हांगकांग तक शेयर बाजारों में फैली दहशत की बात करें, तो इसके पीछे अभी भी अमेरिका और ईरान तनाव बड़ी वजह बना हुआ है. Donald Trump की धमकियों का सिलसिला थम नहीं रहा है. रविवार को भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट में नई धमकी देते हुए कहा कि, 'ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है.'
ट्रंप की धमकी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. Brent Crude 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)