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Rolls-Royce भारत में बढ़ाना चाहती है बिजनेस, PM मोदी से मिलकर CEO ने बताया प्लान

Rolls Royce CEO Meets PM Modi: लग्जरी कार कंपनी रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिक ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विकसित भारत का हिस्सा बनने के लिए अपना प्लान शेयर किया है.

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विकसित भारत का हिस्सा बनने के लिए आगे आई रोल्स-रॉयस. (Photo: PTI)
विकसित भारत का हिस्सा बनने के लिए आगे आई रोल्स-रॉयस. (Photo: PTI)

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ और अन्य तमाम देशी-विदेशी एजेंसियों ने इसका लोहा माना है और आगे भी भारत के दुनिया में सबसे तेजी इकोनॉमी होने का अनुमान जाहिर किया है. सरकार के विकसित भारत के विजन में बड़ी-बड़ी कंपनियां भी सहयोग के लिए आगे आ रही हैं. अब लग्जरी कार कंपनी रोल्स-रॉयस के सीईओ (Rolls Royce CEO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात करके Viksit Bharat का हिस्सा बनने का अपना प्लान शेयर किया है. 

पीएम मोदी बोले- 'बहुत अच्छा लगा'
रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिक ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और विकसित भारत का हिस्सा बनने के लिए भारत में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के प्लान शेयर किए. इस मुलाकात के बाद PM Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर शेयर की गई एक पोस्ट में कहा, 'रोल्स-रॉयस के CEO मिस्टर तुफान एर्गिनबिलगिक से मिलकर बहुत अच्छा लगा.हम भारत में अपनी एक्टिविटीज़ को बढ़ाने और हमारे इनोवेटिव और डायनामिक युवाओं के साथ पार्टनरशिप करने के लिए रोल्स-रॉयस के जोश का स्वागत करते हैं.'

ब्रिटिश कंपनी का ये है प्लान
ब्रिटिश कार कंपनी की ओर से भी एक Social Media Post में कहा गया कि, 'हमारे CEO तुफान एर्गिनबिलगिक ने PM मोदी से मुलाकात की है और रोल्स-रॉयस कैसे विकसित भारत का हिस्सा बनने के लिए आगे बढ़ रही है, इसे लेकर विस्तृत चर्चा की है. इसमें GCC को दुनिया का सबसे बड़ा बनाना, कॉम्प्लेक्स मैन्युफैक्चरिंग को-क्रिएट करना और हाई-वैल्यू इंजीनियरिंग कैपेबिलिटी बनाना शामिल है.'

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बीते साल CEO ने दिया था ये संकेत
Rolls-Royce CEO और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ये मुलाकात भारत को कंपनी के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के तहत हुई. इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी सीईओ एर्गिनबिलगिक ने कहा था कि रोल्स-रॉयस भारत को एक घरेलू बाजार के रूप में विकसित करने की इच्छा रखती है, जो ग्रुप के लिए देश के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है.

ब्रिटिश इंजीनियरिंग कंपनी ने कहा है कि वह स्थानीय साझेदारी को मजबूत करके, कौशल और प्रतिभा विकास में निवेश करके और भारतीय सप्लायर्स से माल की खरीद बढ़ाकर भारत के आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat ) लक्ष्यों में योगदान देने के लिए तैयार है. इसी पर कदम आगे बढ़ाते हुए रोल्स-रॉयस ने हाल ही में बेंगलुरु में अपने विस्तारित ग्लोबल कैपेबिलिटी एंड इनोवेशन सेंटर की शुरुआत की है.

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