भारत में धार्मिक टूरिज्म दिनोदिन नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है. देश में अयोध्या, उज्जैन और बद्रीनाथ धार्मिक टूरिज्म को बढ़ावा देने में सबसे ज्यादा योगदान कर रहे हैं. इस सेगमेंट की मदद से अब कुल पर्यटन उद्योग भी तेज रफ्तार से दौड़ रहा है.
मेक माई ट्रिप ने अपने 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स के पैटर्न के आधार पर दावा किया है कि 2019 के बाद साल में 3 से ज्यादा ट्रिप लेने वाले सैलानियों की संख्या 25 फीसदी बढ़ी है. वहीं 2021 के बाद 2023 में धार्मिक ट्रिप सर्च 97 फीसदी बढ़ी है. अयोध्या की सर्च 2023 में 585 फीसदी, उज्जैन की 359 फीसदी और बद्रीनाथ की सर्च 343 प्रतिशत बढ़ी है.
देश-विदेश से आ रहे हैं पर्यटक
पर्यटकों की इस आवाजाही का फायदा अब उद्योग जगत भी उठा रहा है. धार्मिक शहरों का वर्ल्ड क्लास विकास होने से यहां देश-विदेश के लाखों पर्यटक आ रहे हैं. इससे इन शहरों की इकोनॉमी तेजी से बढ़ी है. इसका फायदा यहां पर रहने वाले लोगों को हुआ है क्योंकि उनकी आय में तेजी से इजाफा हुआ है.
इसका फायदा, अमृतसर, अजमेर, कटरा, सोमनाथ, शिरडी, पुरी, तिरुपति, मथुरा, द्वारका, बोधगया, गुरुवयूर और मदुरै जैसे धार्मिक शहरों को मिला है. इस ट्रेंड को भुनाने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां इन शहरों का रुख कर रही हैं, जिनमें रियल एस्टेट भी शामिल है.
कंपनियां भी पीछे कहां?
CBRE की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 14 प्रमुख शहरों में आध्यात्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी का फायदा रिटेल ब्रांड्स ने तो उठाना भी शुरू कर दिया है. इन शहरों में मान्यवर, रिलायंस ट्रेंड्स, डिजिटल और स्मार्ट, रेमंड्स, मार्केट 99, पैंटालून, डोमिनोज, पिज्जा हट, ज़ूडियो, शॉपर्स स्टॉप, बर्गर किंग, मैकडॉनल्ड्स, स्पेंसर और क्रोमा ने अपने रिटेल स्टोर खोले हैं.
तीर्थ स्थलों के बीच कनेक्टिविटी में हुए सुधार से भी धार्मिक टूरिज्म को फायदा मिला है और ये रियल एस्टेट के आकर्षण की सबसे बड़ी वजह है. रिलीजियस टूरिज्म के साथ ही कुल पर्यटन भी देश के कई शहरों की इकॉनमिक ग्रोथ का इंजन बना रहा है.
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की सर्च 2023 में 131 फीसदी बढ़ी है. वहीं दक्षिण में ऊटी और मन्नार जैसे शहर भी लोकप्रिय वीकेंड डेस्टिनेशंस बन गए हैं. इसके साथ ही परिवार के साथ यात्रा करने के ट्रेंड में 64 फीसदी और सोलो ट्रैवल में महज 23 फीसदी का इजाफा हुआ है जो रियल एस्टेट के विस्तार के लिए एक मजबूत कारण बन सकता है.