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India-EU डील से इन शेयरों पर संकट? आज बिखर गए... अब आगे क्‍या होगा

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान होने के बाद शेयर बाजार में तेजी आई, लेकिन कुछ शेयरों में बड़ी गिरावट आई. ऑटो स्‍टॉक्‍स में 4 फीसदी से ज्‍यादा की कमी आई.

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच डील के बाद इन शेयरों में आई गिरावट. (Photo: Reuters)
भारत और यूरोपीय संघ के बीच डील के बाद इन शेयरों में आई गिरावट. (Photo: Reuters)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच डील का अधिकारिक ऐलान हो चुका है. दोनों पक्ष फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत ज्‍यादातर वस्‍तुओं पर टैरिफ कम करने या खत्‍म करने पर सहमत हुए हैं. इस कदम से यूरोप से भारत आने वाले ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स सस्‍ते हो जाएंगे. कार से लेकर शराब तक के दाम पर इसका असर दिखाई देगा. वहीं भारत का एक्‍सपोर्ट करने के लिए यूरोप में एक बड़ा मार्केट भी मिल रहा है. इस डील का असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया. 

निफ्टी 126 अंक चढ़कर 25175 पर क्‍लोज हुआ, जबकि 319 अंक चढ़कर 81857 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में 732 अंकों की उछाल आई है. हालांकि इस तेजी के बाद भी शेयर बाजार के कई शेयरों में गिरावट देखी गई.  समझौते के बाद बढ़ी प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताओं के बीच ऑटो इंडेक्स में गिरावट देखने को मिला. महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई मोटर इंडिया और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड जैसे ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई.

कौन-कौन से शेयरों में गिरावट? 
महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 4.25 फीसदी गिरकर 3,392.90 रुपये पर बंद हुए. हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 3.60 फीसदी गिरकर 2,182 रुपये पर बंद हुआ.वहीं मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर 1.50 फीसदी गिरकर 15,237 रुपये पर बंद हुए. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्‍हीकल के शेयर  1.29% फीसदी टूटकर 340 रुपये पर क्‍लोज हुए. 

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क्‍यों आई इन शेयरों में गिरावट? 
व्यापार समझौते के अनुसार, यूरोपीय संघ की कारों पर टैरिफ 110 फीसदी से घटाकर 10 प्रतिशत तक स्‍टेप बाय स्‍टेप प्रॉसेस में कम किया जाएगा. लेकिन हर साल 2,50,000 वाहनों का कोटा भी तय किया गया है.  इस कटौती से प्रीमियम कारो के दाम कीफायती हो जाएंगे, जिससे कंम्‍पटीान बढ़ जाएगा. इसी कारण इन शेयरों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. 

ऑटो सेक्‍टर के लिए संकट? 
श्री रामा मैनेजर्स के सह-संस्थापक और फंड मैनेजर अभिषेक बसुमल्लिक ने कहा कि अगर टैरिफ में कटौती वास्तव में लागू होती है, तो ऑटो सेगमेंट में बड़ी गिरावट आ सकती है. उन्होंने कहा कि कुछ लग्जरी ब्रांडों की एंट्री लेवल कारों की कीमत 50 लाख से 60 लाख रुपये के बीच है. 

अगर इसकी कीमत घटकर 30-35 लाख रुपये हो जाती है, तो इससे मुख्य रूप से बिकने वाली महंगी भारतीय SUV की बिक्री पर असर पड़ेगा. महिंद्रा अच्छा प्रदर्शन कर रही है. किआ भी शानदार प्रदर्शन कर रही है. मारुति की इस सेगमेंट में उतनी मौजूदगी नहीं है, लेकिन अन्य प्‍लेयर्स, खासकर कोरियाई कंपनियां, निश्चित रूप से प्रभावित होंगी क्योंकि बहुत से लोग महंगी एसयूवी से कोरियाई एसयूवी की ओर रुख करेंगे. 

बसुमल्लिक ने कहा कि एक बार जब भारत की सड़कों पर मर्सिडीज या बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियां अधिक संख्या में दिखाई देने लगेंगी, तो लंबी अवधि में इन कंपनियों द्वारा अपनी खुद की आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने और यहां अपना खुद का विनिर्माण आधार बनाने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. 

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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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