लगातार बढ़ती महंगाई (Inflation) ने देश में आम जनता की कमर तोड़ दी है. सबसे ज्यादा असर रसोई के बजट पर पड़ा है, क्योंकि खाद्य पदार्थों (Food Inflation) से लेकर एलपीजी (LPG) की कीमतें तक आसमान पर हैं. देश में सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के पार पहुंच गया है, लेकिन फिर भी दुनिया के कई देशों से सस्ता एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) भारत में मिल रहा है.
LPG पर घमासान के बीच दावा
एलपीजी के दाम को लेकर सड़क से संसद तक में घमासान देखने को मिला है. देश की जनता से पूछा जाए तो यही कहेगी कि सिलेंडर के दाम ने घर का बजट (Budget) बिगाड़ दिया है. लेकिन दूसरी ओर सरकार का दावा है कि भारत में सबसे सस्ता सिलेंडर मिल रहा है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने बाकायदा आंकड़े ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
Tweet कर साझा की जानकारी
केंद्रीय मंत्री पुरी का कहना है कि भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें वैश्विक स्तर पर कम है. उनके द्वारा ट्वीट किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा की तुलना में 14.2 किलोग्राम वाला एलपीजी सिलेंडर भारत में कम दाम में बिक मिल रहा है.
As a result of the ‘Citizen First’ policies of the rise in the price of cooking gas in India is much lower than the global level.
Cooking gas prices around the world have risen on account of increase in input cost.— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri)
इन देशों के गिनाए रेट
हरदीप सिंह पुरी द्वारा किए गए ट्वीट में अलग-अलग देशों में एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बताए गए हैं. इसके मुताबिक, भारत में 14.2 किलो के सिलेंडर का दाम 1053 रुपये है. वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में यह सिलेंडर 1113.73 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा श्रीलंका में इस वजह के सिलेंडर का दाम 1243.32 रुपये और नेपाल में 1139.93 रुपये है. आस्ट्रेलिया में इतनी गैस वाले सिलेंडर की कीमत 1764.67 रुपये, अमेरिका में 1754.67 रुपये और कनाडा में 2411.20 रुपये है.
सरकार की नीतियों का दिखा असर
आंकड़ों को जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने ट्वीट में लिखा कि भारत में नरेंद्र मोदी सरकार की 'सिटीजन फर्स्ट' नीतियों का परिणाम है, जिसके चलते दुनिया में रसोई गैस अपने देश में काफी कम कीमत में मिल रही है. उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमतों में तेजी इनपुट लागत में बढ़ोतरी के कारण हो रही है.