ईरान-इजरायल जंग से दुनिया में गैस की किल्लत आ चुकी है. भारत में भी यह संकट हावी हो रहा है. मुंबई, दिल्ली से लेकर पुणे तक कई शहरों में एलपीजी के सिलेंडर महंगे दामों पर बिक रहे हैं या फिर गैस सिलेंडर की किल्लत है. दिल्ली भी अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहां एलपीजी सिलेंडरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रेस्तरां सेक्टर्स में अफरा-तफरी मच गई है.
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने चिंता जताते हुए खुलासा किया है कि राजधानी के रेस्तरांओं में एलपीजी का स्टॉक कम हो रहा है और अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें चार दिनों के भीतर बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
2 से 3 दिन की बची है LPG
NRAI का कहना है कि हमने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि केंद्र का घरेलू उत्पादों को प्राथमिकता देने वाला आदेश एलपीजी आपूर्ति से उन रेस्तरांओं को गंभीर नुकसान हो सकता है जो अपने संचालन के लिए व्यावसायिक सिलेंडरों पर निर्भर हैं. एनआरएआई के अनुसार, कई संगठन के पास फिलहाल केवल 2-3 दिन की एलपीजी बची है.
इन शहरों में भी मची अफरा-तफरी
यह स्थिति केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है. मुंबई में, इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (AHR) ने बताया कि 20% होटल और रेस्तरां पहले ही बंद हो चुके हैं, और यह संख्या तेजी से बढ़ने की आशंका है. एएचएआर ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 2 दिनों के भीतर व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो शहर के 50% तक होटल और रेस्तरां बंद हो सकते हैं, जिससे खाद्य सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.
बेंगलुरु में भी संकट
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गैस की कमी के कारण 10 मार्च से परिचालन ठप हो सकता है. उसने कहा है कि गैस की आपूर्ति बंद होने के कारण कल से होटल बंद रहेंगे. तमिलनाडु में, चेन्नई होटल एसोसिएशन ने तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए बताया कि एलपीजी की कमी से न केवल स्थानीय रेस्तरां प्रभावित होंगे, बल्कि अस्पतालों, छात्रों, व्यावसायिक यात्रियों और आईटी पार्कों में सेवाएं भी बाधित होंगी.
घरों में भी फैली दहशत
एलपीजी की कमी से न केवल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, बल्कि घरों में भी दहशत फैल गई है. कई कंज्यूमर्स, विशेषकर जिनके पास एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन हैं, रिफिल बुक कराने के लिए दौड़ पड़े हैं, जिससे स्थानीय गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग गई हैं और डिलीवरी में देरी हो रही है.
डीलर्स ने चेतावनी दी है कि कमी के कारण कुछ कमर्शियल यूजर्स सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को अवैध रूप से काला बाजार से खरीद सकते हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं. हालांकि 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए डिलीवरी की अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है.