आईडीबीआई बैंक के शेयर में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तगड़ी गिरावट आई और ये देखते ही देखते क्रैश (IDBI Share Crash) हो गया. धीमी शुरुआत के बाद जैसे-जैसे मार्केट में कारोबार आगे बढ़ा ये बैंकिंग स्टॉक 16% से ज्यादा टूटकर कारोबार करता हुआ नजर आया. इस गिरावट के चलते निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ. आइए जानते हैं आईडीबीआई शेयर अचानक क्रैश होने के पीछे कारण क्या है?
देखते ही देखते क्रैश हुए शेयर
सोमवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर IDBI Bank Share अपने पिछले शुक्रवार के बंद भाव 92.20 रुपये से भारी गिरावट लेकर 82.12 रुपये पर खुला और फिर इसमें गिरावट तेज होती चली गई. दोपहर 1 बजे के आसपास ये बैंकिंग स्टॉक 16% से ज्यादा फिसलकर 76.67 रुपये के लेवल पर आ गया, तो बाजार बंद होने तक ये गिरावट और बढ़ गई. आईडीबीआई बैंक का शेयर 17.22 फीसदी टूटकर 76.31 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ. इस गिरावट के चलते बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन (IDBI Market Cap) गिरकर 82,790 करोड़ रुपये रह गया.
इन खबरों के बाद बिखरा शेयर
IDBI Bank के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों में हड़कंप बैंक प्राइवेटाइजेशन से जुड़ी खबरों के आने के बाद मचा, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. इस संबंध में आई रिपोर्टों में कहा गया है कि IDBI Bank में हिस्सेदारी बिक्री के लिए प्राप्त फाइनेंशियल बिड्स या वित्तीय बोलियां उम्मीदों से कम हैं, जिससे सरकार इस चल रही प्राइवेटाइजेशन प्रोसेस पर पुनर्विचार कर सकती है या इसे रोक सकती है.
निवेशकों को उम्मीद थी कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री के कदम से बैंक में मूल्य वृद्धि होगी और इसके परिचालन में सुधार होगा. हालांकि, उनकी आस टूटी, क्योंकि रिपोर्ट्स में कहा गया कि संभावित खरीदारों द्वारा लगाई गई बोलियां सरकार द्वारा तय किए गए बेस प्राइस से कम थीं.
सरकार बेच रही इतनी हिस्सेदारी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम ने आईडीबीआई बैंक में अपनी संयुक्त 60.7% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी. इस बिक्री के बाद बैंक का स्वामित्व खरीदार के पास चला जाएगा. सरकार की बैंकिंग सेक्टर में अपनी उपस्थिति कम करने की योजना के तहत आईडीबीआई बैंक के प्राइवेटाइजेशन प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई थी.
वर्तमान में LIC की बैंक में लगभग 49.24% हिस्सेदारी है, जबकि भारत सरकार के पास लगभग 45.48% हिस्सेदारी है. इस हिसाब से दोनों बैंक के 94% से अधिक हिस्से को कंट्रोल करते हैं.
5 साल में दिया ये रिटर्न
IDBI Bank Share में निवेश करने वालों को मिले रिटर्न पर गौर करें, तो बीते महज पांच कारोबारी दिनों में ये 23 फीसदी फिसल चुका है. जबकि एक महीने में ये 31 फीसदी तक टूट गया है. निवेशकों की बेचैनी का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि एक साल में इस शेयर से उन्हें मिला रिटर्न सिर्फ 6 फीसदी है. हालांकि, बीते पांच साल में ये 106% चढ़ा है और निवेशकों का पैसा डबल किया है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)