इंजीनियरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी एल एंड टी के चेयरमैन (L&T Chairman) एसएन सुब्रह्मण्यन की कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम (90 Hours Work Week) की सलाह पर उन्हें लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर ठीक वैसी ही बहस होती दिख रही है, जैसी कि बीते साल 2024 में इंफोसिस को-फाउंडर एन आर नारायणमूर्ति के हफ्ते में 70 घंटे काम करने के सुझाव के बाद देखने को मिली थी. अब SN Subrahmanyan के इस प्रपोजल के खिलाफ कर्नाटक आईटी एंप्लाई यूनियन (KITU) ने बड़ी बात कहते हुए निंदा की है.
90 घंटे काम पर क्या बोला IT यूनियन?
L&T चेयरमैन सुब्रह्मण्यन ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर्मचारियों से बातचीत के दौरान 90 घंटे काम की वकालत तक बहस का नया मुद्दा दे दिया है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. उनके वायरल वीडियो में वे इस बात पर अफसोस जाहिर करते नजर आ रहे हैं कि एलएंडटी कर्मचारियों को रविवार को काम करने की जरूरत क्यों नहीं है? उनके इस प्रस्ताव की बॉलीवुड से लेकर बिजनेस सेक्टर तक की तमाम हस्तियों ने आलोचना की और अब कर्नाटक आईटी एंप्लाई यूनियन (KITU) ने एलएंडटी चेयरमैन के 90 घंटे के वर्क वीक के प्रस्ताव पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'हम आपके मुनाफे के लिए मरने के लिए तैयार नहीं हैं.' कर्मचारी यूनियन ने इसे सिर्फ लाभ हासिल करने का तरीका करार दिया है.
We are not ready to die for your profits.
— Karnataka State IT/ITeS Employees Union (@kitu_hq)
L&T Chairman S.N. Subrahmanyan's remark advocating a reveals nothing but the insatiable thirst of these capitalists for profit through the ruthless and inhuman exploitation of the Indian working class.
'कर्मचारियों के शोषण के अलावा कुछ नहीं...'
KITU ने एलएंडटी चेयरमैन के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि एसएन सुब्रह्मण्यन की सप्ताह में 90 घंटे काम की सलाह भारतीय श्रमिक वर्ग के निर्मम और अमानवीय शोषण के जरिए लाभ पाने की प्यास के अलावा और कुछ नहीं दिख रही है. केआईटीयू सचिव सोराज निडियांगा ने कहा कि संघ इसे एक अलग बयान के रूप में नहीं मान रहा है. उन्होंने कहा कि, 'इससे पहले जब Infosys Co-Founder नारायणमूर्ति ने 70 घंटे के वर्क वीक की वकालत की थी, तो कर्नाटक में भी इसे लागू करने का प्रयास किया गया था. सिर्फ KITU के हस्तक्षेप और कर्मचारियों के प्रतिरोध के कारण ही सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
क्या है पूरा मामला?
अब बताते हैं कि आखिर एल एंड टी चेयरमैन SN Subrahmanyan ने ऐसा क्या कहा कि ट्रोल हो गए. दरअसल, अपनी कंपनी के कर्मचारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत के दौरान उन्होंने सप्ताह में 90 घंटे काम करने की वकालत की थी और कहा था कि मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं आपको रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं, अगर मैं ऐसा करवा सकता हूं, तो मुझे ज्यादा खुशी होगी, क्योंकि मैं खुद रविवार को काम करता हूं.
यही नहीं Reddit पर प्रसारित इस वायरल वीडियो में एलएंडटी चेयरमैन न केवल हफ्ते में 90 घंटे काम करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं, बल्कि उन्होंने कर्मचारियों से ये तक कह दिया कि, 'आप घर पर रहकर अपनी पत्नी को कितनी देर निहारोगे, घर पर कम और कार्यालय में अधिक समय बिताएं.' बस फिर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई.
चीनी वर्क कल्चर का दिया था उदाहरण
90 Hours Work Week का सुझाव देते हुए एलएंडटी चेयरमैन ने एक चीनी व्यक्ति के साथ अपनी बातचीत का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने दावा किया था कि चीन, अमेरिका से भी आगे निकल सकता है, क्योंकि चीनी कर्मचारी सप्ताह में 90 घंटे काम करते हैं, जबकि अमेरिका में 50 घंटे का वर्क वीक होता है. ये उदाहरण देते हुए उन्होंने अपने कर्मचारियों से पूछा कि उत्तर आप दीजिए, अगर आपको दुनिया में सबसे ऊपर रहना है, तो आपको प्रति सप्ताह 90 घंटे काम करना होगा, आगे बढ़ो, दोस्तों.