पिछले कुछ दिनों में सोना, चांदी और क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा गिर चुकी है, जबकि सोने के दाम में 44 हजार रुपये तक की गिरावट आई है. इतना ही नहीं, क्रिप्टो मार्केट भी बुरी तरह से टूटा है.
अब सवाल उठ रहा है कि क्या शेयर बाजार में गिरावट का दौर समाप्त होने जा रहा है? क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि सोने-चांदी और क्रिप्टो में गिरावट के बाद अब निवेशक शेयर बाजार में की ओर बढ़ेंगे. इस बीच शुक्रवार को भारतीय बाजार हरे निशान में बंद हुए. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 266 अंक चढ़कर 83,580 पर बंद हुआ. आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स इसपर क्या कह रहे हैं, क्या सच में शेयर बाजार के अच्छे दिन लौट रहे हैं.
क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट
क्रिप्टो मार्केट में भी बड़ी गिरावट आई है और पिछले 4 महीने 2 ट्रिलियन डॉलर साफ हो चुके हैं. अक्टूबर 2025 में इसकी वैल्यू रिकॉर्ड हाई 4.3 ट्रिलियन डॉलर पर थी, जो अब 2.3 ट्रिलियन डॉलर चुकी है. इसका मतलब है कि सिर्फ चार महीने में ही क्रिप्टो बाजार आधा हो चुका है. बिटकॉइन अपने ऑल टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे गिर चुका है.
सोना-चांदी में भी बड़ी गिरावट
शुक्रवार को चांदी अपने ऑल टाइम हाई लेवल से 40 फीसदी से ज्यादा गिर गई. एमसीएक्स पर इसका रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये था, जो शुक्रवार को 2.29 लाख रुपये के भाव पर आ पहुंची. इसी तरह सोने का रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये है, जो शुक्रवार को 1.49 लाख रुपये पर आ गया. यह बड़ी गिरावट कमजोर फेड संकेत और डॉलर के मजबूत होने से नीचे आया है. अभी इस एसेट में अस्थिरता बनी हुई है.
शेयर बाजार भी सेफ नहीं: नितिन कामथ
अरबपति नितिन कामथ का कहना है कि मजबूत एसेट सोना, चांदी और क्रिप्टो में अचानक गिरावट आने के बाद शेयर बाजार भी नीचे जा सकता है. खासकर ऐसे समय में जब लीवरेज ज्यादा है. कामथ ने कहा है कि ऐसी वोलैटिलिटी के समय इक्विटीज में भारी गिरावट आ सकती है, जो पहले कई बार हो चुका है.
शेयर बाजार में तेजी का सीनारियो क्या है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार को बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर अभी अच्छा है. कंपनियों के फंडामेंटल्स, ग्रोथ ड्राइव्स जैसे आईटी, बैंक और इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी मजबूत हैं. अगर क्रिप्टो, कमोडिटी वोलैटिलिटी शांत होती है और ग्लोबल लिक्विडिटी बढ़ती है, तो शेयर बाजार फिर तेजी में लौट सकता है. कई वैल्यू ओरिएंट निवेशक मानते हैं कि गिरावट एक खरीद का मौका भी दे सकती है जैसे इतिहास में कई बार हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है अस्थिरता कम होने के बाद इक्विटी में लिक्विडिटी वापस आ सकती है.
शेयर बाजार में भी रिस्क
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड-सिल्वर की तेज गिरावट यह संकेत दे रही है कि प्रॉफिट बुकिंग हो रही है. डॉलर मजबूत हो रहे हैं, फेड के संकेत बाजारों को झटका दे रहे हैं. इन सब से एक चीज स्पष्ट होती है कि शेयर बाजार में भी रिस्क बढ़ सकता है.
कमोडिटी और क्रिप्टो का शेयर बाजार पर कैसा असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब क्रिप्टो और सोना में रिस्क बढ़ने से निवेशक भाग रहे होते हैं तो शेयर बाजार में भी बिकवाली बढ़ती है. अस्थिरता का इंडेक्स हाई होता है और निवेशक इन सभी चीजों से हटकर बॉन्ड या कैश की ओर जाते हैं.
(नोट- शेयर बाजार, क्रिप्टो या गोल्ड-सिल्वर कहीं भी निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)