एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी देते हुए मिडिल ईस्ट टेंशन को बढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर अमेरिकी वॉल स्ट्रीट या अमेरिका का शेयर बाजार उनके लिए टेंशन की वजह बनता जा रहा है और इसे लेकर वह बड़ी जांच का सामना भी कर रहे हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप या उनके सहयोगियों द्वारा साल के 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही 3700 से ज्यादा स्टॉक ट्रेड किए गए हैं और इनकी वजह से ही वे जांच के दायरे में हैं. ये ट्रेडिंग गतिविधियां मार्केट दिग्गजों के लिए भी चौंकाने वाली हैं.
ट्रंप ने रोज किए 40 सौदे
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सबसे पहले इस तरह के वित्तीय खुलासे किए गए. इसमें दी गई जानकारियों से पता चलता है कि इस साल के शुरुआती तीन महीनों में अमेरिका की कुछ सबसे बड़ी आईटी-टेक, फाइनेंस, एयरोस्पेस और मीडिया कंपनियों में करोड़ों डॉलर के व्यापारिक लेन-देन हुए हैं. इसमें ये भी कहा गया है कि जनवरी से मार्च के बीच हुए इन सौदों में ट्रंप ने औसतन प्रतिदिन 40 से अधिक सौदे किए.
रिपोर्ट में किए गए खुलासों से सामने आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके सलाहकारों ने इन तीन महीनों में ही 3,700 से अधिक स्टॉक ट्रेड किए हैं. यह पिछली तिमाही की तुलना में एक नाटकीय उछाल था, जब 2025 के अंतिम तीन महीनों के दौरान सिर्फ करीब 380 सौदे सामने आए थे.
एक्सपर्ट बोले- 'ये सामान्य नहीं...'
बाजार के कई एक्सपर्ट के लिए साल की शुरुआती तीन महीनों में हुए इन ट्रेड का पैमाना हैरान करने वाला है. टटल कैपिटल मैनेजमेंट (Tuttle Capital Management) के सीईओ मैथ्यू टटल के हवाले से ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'यह लेन-देन की एक अविश्वसनीय संख्या है. यह एक हेज फंड की तरह है, जिसमें बड़े पैमाने पर एल्गोरिथम ट्रेडिंग होती है.'
रिपोर्ट में किए गए इन खुलासों को लेकर कई अन्य मार्केट एक्सपर्ट्स ने भी इस प्रकार की व्यापारिक गतिविधि को एक मौजूदा राष्ट्रपति के लिए बेहद असामान्य बात करार दिया है. द वेल्थ एलायंस के चेयरमैन और एमडी एरिक डिटन ने कहा कि मैं हैरान हूं, वॉल स्ट्रीट पर अपने 40 से अधिक वर्षों के अनुभव में, यह किसी भी मानक से सामान्य ट्रेडिंग नहीं है.
इन बड़ी कंपनियों में लेन-देन
रिपोर्ट में सामने लाए गए प्रमुख सौदों में एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और बोइंग स्टॉक ट्रेड शामिल हैं. खुलासों से पता चला कि डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआती तिमाही के दौरान NVIDIA, Oracal, Microsoft, Boeing और कॉस्टको समेत अन्य कंपनियों में प्रत्येक में कम से कम 1 मिलियन डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे. दस्तावेजों में शामिल अन्य कंपनियों में अमेजन, मेटा, उबर, ईबे, एबॉट लेबोरेटरीज, एटी एंड टी और डॉलर ट्री जैसे शेयरों से जुड़े लेन-देन भी शामिल थे.
सबसे बड़े सार्वजनिक किए गए लेन-देनों में से एक 10 फरवरी को हुआ, जब ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेजन में 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से लेकर 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक की हिस्सेदारी बेच दी थी.
ट्रंप की आलोचनाओं को मिली हवा
इस तरह के खुलासों ने ट्रंप के कार्यकाल के दौरान उनके व्यापारिक समझौतों को लेकर लंबे समय से चली आ रही आलोचनाओं को भी फिर से हवा देने का काम किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन कंपनियों के स्टॉक ट्रेड हुए हैं, उनमें से कई उन सेक्टर्स में काम करती हैं, जो सीधे तौर पर अमेरिकी सरकार की नीतियों, नियमों और जियो-पॉलिटिकल फैसलों से प्रभावित होते हैं.
उदाहरण देते हुए इसमें कहा गया है कि एनवीडिया को चीन को एआई चिप्स निर्यात के लिए अमेरिकी मंजूरी लेनी पड़ती है. तो वहीं बोइंग डिफेंस और एयरोस्पेस एग्रीमेंट पर काफी हद तक निर्भर है, जो अमेरिकी सरकार से जुड़े हैं. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियां लगातार एंटीट्रस्ट जांच, एआई रेग्युलेशन से जुड़े नीतिगत फैसलों से प्रभावित होती रहती हैं.
आलोचकों का कहना है कि भले ही कानून न तोड़ा गया हो, लेकिन एक मौजूदा राष्ट्रपति द्वारा इस तरह की व्यापारिक गतिविधि गंभीर चिंता पैदा करती है. उन्होंने कहा कि कई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों के विपरीत ट्रंप ने अपने व्यावसायिक हितों को पूरी तरह से बेचा नहीं या उन्हें परिवार की भागीदारी के बिना स्वतंत्र रूप से प्रबंधित एक ब्लाइंड ट्रस्ट में ट्रांसफर नहीं किया.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति के बिजनेस सरकारी नीतिगत निर्णयों से प्रभावित उद्योगों में काम करना जारी रखे हुए हैं, उनके बेटे ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के बड़े हिस्से की देखरेख करते हैं.
तेल की कीमत और सौदे का मामला
ये ताजा वित्तीय खुलासे तेल और स्टॉक वायदा बाजारों में असामान्य व्यापारिक गतिविधि के कुछ ही महीनों बाद आए हैं. बता दें इससे पहले अमेरिका व्यापारियों ने कथित तौर पर गिरती तेल कीमतों और बढ़ते अमेरिकी शेयर बाजारों पर भारी दांव लगाए थे, ठीक उसी समय जब ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता में प्रगति का संकेत देने वाले बयान दिए थे, जिनके तुरंत बाद, तेल की कीमतें क्रैश हो गई थीं, US Stock Market में तेजी से उछाल आया.
व्हाइट हाउस ने आरोप किए खारिज
हालांकि, इस तरह के खुलासों को लेकर अमेरिकी व्हाइट हाउस ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया है. तो दूसरी ओर ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि उनके निवेशों का मैनेजमेंट बाहरी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाता है और न तो ट्रंप, न ही उनका परिवार व्यक्तिगत लेन-देन का प्रबंधन करता है.