शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बीते कुछ दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आया था और सेंसेक्स-निफ्टी तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए थे, लेकिन ट्रंप के 25% टैरिफ का ऐसा असर दिखा कि अंत तक दोनों इंडेक्स संभल नहीं सके. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 268 अंक फिसलकर बंद हुआ, तो दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 25,800 के स्तर से नीचे क्लोज हुआ. बाजार में गिरावट के बीच Trent, Reliance, IndiGo, Adani Ports जैसे बड़े शेयर रेड जोन में बंद हुए. इस गिरावट के चलते निवेशकों के 1.10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.
तेज शुरुआत के बाद बड़ी गिरावट
शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत जबर्दस्त तेजी के साथ हुई थी. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878 की तुलना में उछलकर 84,079 पर ओपन हुआ था और फिर कुछ ही मिनटों में ये इंडेक्स 84,258 पर कारोबार करता नजर आया था. यहां पहुंचने के बाद अचानक ही ट्रंप टैरिफ ऐलान का असर बाजार पर हावी हो गया और BSE Sensex झटके में टूटकर 83,262 तक गिर गया. हालांकि, बाजार बंद होते-होते कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन फिर भी ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स 250.48 अंक गिरकर 83,627.69 के लेवल पर बंद हुआ.
NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स की तरह ही रही. ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,790 से बढ़कर मंगलवार को 25,897 पर खुला था, लेकिन फिर इसमें भी भारी गिरावट देखने को मिली और ये लुढ़ककर 25,603 के लेवल पर आ गया. एनएसई के इंडेक्स ने 57.95 अंक फिसलकर 25,732.30 पर क्लोजिंग की.
रिलायंस-इंडिगो समेत ये 10 शेयर धड़ाम
Share Market में गिरावट के बीच जो 10 शेयर सबसे ज्यादा बिखरे हुए नजर आए. उनमें लार्जकैप से Trent Share (3.39%), LT Share (3.25%), Reliance Share (2.14%), IndiGo Share (1.95%) की गिरावट के साथ शामिल रहे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (5.13%), AU Bank Share (3.35%), LTF Share (2.67%) और Godrej Properties Share (2.64%) फिसलकर बंद हुए. स्मॉलकैल में सबसे ज्यादा Lotus Chocolate Share (9.71%) और Jubilant Agri Share (5.06%) की गिरावट में रहे.
ट्रंप का ऐलान भारत के लिए परेशानी
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Trump Vs Iran) को लेकर एक नया फरमान जारी किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि जो भी देश Iran के साथ कारोबार करेगा, उस पर 25% का टैरिफ लगेगा और ये फाइनल निर्णय है. भारत ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं, तो इससे भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़कर 75% तक हो सकता है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)