कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल देखने को मिला है. शुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का भाव 3.50 फीसदी चढ़कर एक साल के रिकॉर्ड हाई 88.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. यह तेजी मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग और होमुर्ज जलडमरूमध्य मार्ग के बंद होने के बाद आई है. इस बीच, अमेरिका एक बड़ी तैयारी कर रहा है, जो भारत के लिए फायदेमंद होगा.
दरअसल, अमेरिका भारत को और रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है. वह अमेरिका के बाकी तेल पर से भी बैन हटाने की बात कह रहा है, जिसके बाद भारत का रूस से तेल खरीद आयात तेजी से बढ़ सकता है और ग्लोबल स्तर पर भी तेल को लेकर संकट टल सकता है.
ट्रंप के मंत्री ने रूसी तेल को लेकर कही ये बात
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार (6 मार्च) को कहा कि US और ज़्यादा रूसी तेल से बैन हटा सकता है. यह बात अमेरिका द्वारा भारत को 30 दिन तक रूसी तेल खरीद की छूट जारी करने के एक दिन बाद कही गई है. भारत को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 30 दिन तक की छूट दी गई थी, लेकिन अब बाकी रूसी तेलों की खरीद पर भी छूट देने की तैयारी चल रही है.
सप्लाई बनाने पर फोकस
बेसेंट ने फॉक्स बिज़नेस के "कुडलो" प्रोग्राम में कहा कि हम दूसरे रूसी तेल पर भी बैन हटा सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि पानी में करोड़ों बैरल कच्चे तेल पर बैन है और असल में, उन्हें बैन हटाकर सप्लाई बनाई जा सकती है और हम इसपर गौर कर रहे हैं. बेसेंट ने ईरान पर अमेरिकी सेना के अब तक के सबसे बड़े बमबारी अभियान की भी चेतावनी दी. बेसेंट ने कहा कि हम सबसे ज़्यादा नुकसान ईरानी मिसाइल लॉन्चर, मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को पहुंचाएंगे.
दुनिया में तेल संकट की आहट
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जंग के कारण दुनिया भर में तेल का संकट मडराता हुआ दिखाई दे रहा है. होमुर्ज जलडमरूमध्य मार्ग के बंद होने से खाड़ी देशों से कच्चे तेल की सप्लाई भी बाधित है. सऊदी, कतर, दुबई और अन्य खाड़ी देशों से कच्चे तेल की सप्लाई नहीं हो पा रही है. जिस कारण पूर्वी एशिया के देश अपने रिजर्व का इस्तेमाल कर रहे हैं और अन्य विकल्प की तलाश कर रहे हैं. इस बीच, अमेरिका की ओर से रूसी तेल को छूट देने की तैयारी भारत के लिए बड़ा हो सकता है.