बजट 2026 के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कई तरह के छूट की उम्मीद की जा रही है. खासकर टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स में बड़ी छूट देने की मांग कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि पुराने इनकम टैक्स स्लैब की तरह ही नए इनकम टैक्स स्लैब में भी छूट दी जाए.
नया टैक्स स्लैब अब ज्यादा टैक्सपेयर्स के लिए पसंदीदा विकल्प बन चुका है. इसके में अब सैलरीड एम्प्लाई को 12.75 लाख रुपये तक 0 टैक्स का फायदा मिलता है, जबकि अन्य कर्मचारियों को 12 लाख रुपये तक सालाना इनकम पर 0 टैकस का फायदा दिया जाता है. वहीं ओल्ड सिस्टम के तहत अभी भी 5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर 0 टैक्स का लाभ दिया जाता है.
इसी कारण, नया टैक्स सिस्टम ज्यादा ऑकर्षक दिखाई देता है, लेकिन इसमें निवेश पर पुराने सिस्टम की तरह ज्यादा छूट नहीं दिया जाता है. बहुत से टैक्सपेयर्स ऐसे हैं, जो अभी भी पुराने टैक्स सिस्टम पर टिके हुए हैं और अपने इन्वेस्टमेंट के जरिए 10 से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स का लाभ उठा रहे हैं.
यही टैक्सपेयर्स अब सरकार से इस बार के बजट में नए टैक्स सिस्टम के तहत छूट की मांग उठा रहे हैं. इनका पूरा फाइनेंशियल लाइफसाइकिल HRA और होम लोन जैसे पुराने फायदों के इर्द-गिर्द टिका हुआ है. पुराने से नए टैक्स सिस्टम में स्विच करने से उनके द्वारा क्रिएट किए गए लॉन्ग-टर्म वेल्थ स्ट्रक्चर में परेशानी आ सकती है. ऐसे में वे नए टैक्स स्लैब में भी Home Loan और एनपीएस जैसे टैक्स छूट को शामिल करने की मांग उठा रहे हैं.
नए टैक्स सिस्टम में भी जुड़े ये फायदे
बजट 2026 को लेकर एक खास मांग यह भी है कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 (B) का फायदा नए टैक्स में भी दिया जाए. होम लोन लेने वाले टैक्सपेर्स सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज भुगान पर हर साल 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं, लेकिन अभी ये पुराने टैक्स सिस्टम में ही मिलता है. वहीं होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर सालाना 1.5 लाख रुपये की छूट सेक्शन 80सी के तहत दिया जाता है, इसे भी नए टैक्स सिस्टम में शामिल करने की मांग है.
एनपीएस के तहत छूट की मांग
नए टैक्स सिस्टम में एनपीएस में एम्प्लायर की ओर से कंट्रीब्यूशन पर छूट का फायदा तो मिलता है, लेकिन ज्यादातर इनकम वाले लोग EPF, PPF और ELSS जैसे मिक्स रिटायरमेंट फंड पर निर्भर रहते हैं. इन्हें भी नए टैक्स के तहत छूट के दायरे में लाने की मांग है. वहीं एनपीएस के तहत गैर-सरकारी कमचारियों को अब 80 फीसदी हिस्सा निकालने की मंजूरी दी गई है. ऐसे में इनकी मांग है कि एनपीएस के हुई कमाई पर '0' टैक्स लगाए जाए ताकि रिटायरमेंट में इन्हें ज्यादा फायदा मिल सके.