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Budget 2022: PPF लिमिट डबल करने की मांग, क्या इस बार बजट में पूरी होगी डिमांड?

Union Budget 2022: वित्त वर्ष 2022-23 के आम बजट को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि टैक्स सेविंग के कई नए ऑप्शन मिल सकते हैं. वहीं PPF लिमिट को डबल करने की मांग भी उठ रही है. अब देखना ये है कि क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में इसे पूरा करती हैं और आखिर क्या वजह है ऐसी मांग के पीछे?

3 लाख होनी चाहिए PPF लिमिट? 3 लाख होनी चाहिए PPF लिमिट?
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ICAI ने वित्त मंत्रालय को भेजी सिफारिशें
  • 1 फरवरी को आना है आम बजट 2022-23
  • PPF की मौजूदा सीमा 1.5 लाख रुपये

Union Budget 2022: वित्त वर्ष 2022-23 के आम बजट को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. कोरोना महामारी से जूझ रहे देश में आम लोगों को इस बार के बजट टैक्स सेविंग के कई नए ऑप्शन मिलने की उम्मीद है. वहीं PPF लिमिट को डबल करने की मांग भी उठ रही है. अब देखना ये है कि क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में इसे पूरा करती हैं...

डबल हो PPF की लिमिट
बजट से पहले कई एक्सपर्ट का कहना है कि आयकर कानून की धारा-80(C) के तहत पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की जमा पर मिलने वाली टैक्स छूट को डबल किया जाना चाहिए. अभी इस मद में सालाना 1.5 लाख रुपये तक की बचत पर टैक्स छूट मिलती है. लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शीर्ष इकाई इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने इसे लेकर हाल में वित्त मंत्रालय को अपनी बजट-पूर्व सिफारिशें भेजी हैं और इस लिमिट को बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने के लिए कहा है.

टैक्स छूट के लिए बढ़े बचत की लिमिट
ICAI ने अपनी सिफारिशों में ना सिर्फ PPF (Public Provident Fund) की लिमिट बढ़ाने की बात कही है, बल्कि धारा-80CCF के तहत बचत की लिमिट को भी बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की बात कही है. अभी आयकर कानून (Income Tax Law) में इसके लिए 1.5 लाख रुपये की सीमा तय है.

प्रोफेशनल लोगों के लिए फायदेमंद
ICAI का कहना है कि बड़ी संख्या में एंटरप्रेन्योर और प्रोफेशनल लोग टैक्स सेविंग के लिए PPF का इस्तेमाल करते हैं. जबकि सैलरी वाले लोगों को अपने वेतन का 12% हिस्सा PF के रूप में जमा कराना ही होता है. ऐसे में जो लोग स्वरोजगार में लगे हैं उनके पास टैक्स सेविंग के लिए सिर्फ PPF का ही सहारा है. इसलिए इसकी सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जानी चाहिए.

हर साल बजट से पहले वित्त मंत्री अलग-अलग सेक्टर के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक करती हैं. वहीं अलग-अलग थिंक टैंक और एक्सपर्ट भी अपनी सिफारिशें वित्त मंत्रालय को भेजते हैं. वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट 1 फरवरी 2022 को पेश किया जाना है.

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