बिहार की सियासत में लालू परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और आरजेडी नेता मुकेश रोशन के बीच बयानबाजी का टकराव और तेज हो गया है. हाल में तेज प्रताप ने जिन पांच “जयचंदों” का जिक्र किया, उसमें अपना नाम आने पर महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शब्दों की सीमा लांघी गई तो जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा. आइए पूरे घटनाक्रम को क्रम से समझते हैं. मुकेश रोशन ने कहा, 'तेज प्रताप खुद ही अनुष्का के साथ तस्वीरें डालते थे और उनके घर से निकलते हुए वीडियो दिखाए गए थे. अब वह कहते हैं कि उन्हें कोई जानता ही नहीं. आप ड्रामा मत कीजिए'
तेज प्रताप पर पलटवार
मुकेश रोशन ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले व्यक्ति को खुद का आचरण देखना चाहिए. उनका कहना है कि जो उन्हें जयचंद बता रहे हैं, असल में वही इस तरह के व्यवहार के दोषी हैं. रोशन ने आरोप लगाया कि 2025 के चुनाव के दौरान एक सार्वजनिक मंच से उन्हें अपशब्द कहे गए थे. उन्होंने खुद को लालू यादव और तेजस्वी यादव का समर्थक बताते हुए कहा कि तेज प्रताप के कदमों से पार्टी को नुकसान पहुंचा है.
अनुष्का यादव विवाद पर भी उठाए सवाल
अनुष्का यादव से जुड़े विवाद और चर्चाओं को लेकर भी मुकेश रोशन ने तेज प्रताप पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहले खुद तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए, लेकिन अब पहचान से ही इनकार किया जा रहा है. तेज प्रताप द्वारा रिश्ते को “मामा-भांजी” बताने पर रोशन ने इसे नाटक करार देते हुए कहा कि इस तरह की बातें अब लोगों को स्वीकार नहीं हैं.
PM वाली बात पर तंज
तेज प्रताप यादव द्वारा प्रधानमंत्री से शिकायत करने की बात पर रोशन ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर वे पीएम के पास जाएंगे तो वह भी डोनाल्ड ट्रंप से मिलने का समय ले लेंगे. उन्होंने इस पूरे बयान को हल्के अंदाज का राजनीतिक मजाक बताया.
वरिष्ठ नेताओं के सम्मान का मुद्दा उठाया
मुकेश रोशन ने यह भी कहा कि तेज प्रताप पहले भी जगदानंद सिंह, रघुवंश बाबू और संजय यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि परिवारिक पहचान के कारण सम्मान मिलना अलग बात है, लेकिन इससे किसी को भी दूसरों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार का अधिकार नहीं मिल जाता.