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10 लाख की सुपारी, फायरिंग और कार में लाश... वैशाली में शव मिलने के मामले का चौंकाने वाला खुलासा

वैशाली में महात्मा गांधी सेतु के पास कार में मिले युवक के शव मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. मृतक जहानाबाद का भानु कुमार था, जो समस्तीपुर में लोजपा नेता पर फायरिंग के दौरान गोली लगने से घायल हुआ था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. साथी शव को गंगा में फेंकने जा रहे थे, लेकिन पुलिस गश्त देखकर कार छोड़कर फरार हो गए.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Screengrab)
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Screengrab)

बिहार के वैशाली में कार से मिले एक युवक के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला समस्तीपुर में लोजपा नेता पर हुई फायरिंग से जुड़ा हुआ है, जिसमें गोली लगने से युवक की मौत हुई थी.

सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि 19 फरवरी को गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में महात्मा गांधी सेतु के पास एक कार से शव बरामद हुआ था. कार में मिले सिम कार्ड के आधार पर शव की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी भानु कुमार, पिता मुरारी शर्मा के रूप में हुई.

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तकनीकी जांच में सामने आया ये सुराग

पुलिस ने जब मृतक के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण किया तो पता चला कि भानु कुमार 16 फरवरी की शाम पटना से समस्तीपुर गया था. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस अल्टो कार में शव मिला था, वह 18 फरवरी से ही घटनास्थल पर खड़ी थी.

पुलिस टीम ने मोबाइल डेटा के आधार पर जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के मुसहौली गांव निवासी अभिषेक कुमार पासवान को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया. पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

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10 लाख की सुपारी पर पहुंचे थे हत्या करने

पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक कुमार पासवान ने बताया कि 16 फरवरी को वह और मृतक भानु कुमार समस्तीपुर गए थे. वहां उनके पांच अन्य साथी पहले से मौजूद थे. इन सभी को समस्तीपुर के एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.

योजना के तहत सभी लोग एक चार पहिया वाहन और एक बाइक से समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर पहुंचे थे. वहां लक्ष्य व्यक्ति पर फायरिंग शुरू हुई, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी होने लगी.

फायरिंग में घायल होने के बाद हुई मौत

फायरिंग के दौरान भानु कुमार और उसका एक अन्य साथी गोली लगने से घायल हो गए. इसके बाद साथियों ने उन्हें इलाज के लिए पटना ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही भानु कुमार की मौत हो गई.

मौत के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगे. योजना के अनुसार वे महात्मा गांधी सेतु से शव को गंगा नदी में फेंकने वाले थे.

पुलिस गश्ती देख छोड़कर भागे आरोपी

जब आरोपी कार लेकर महात्मा गांधी सेतु पर पहुंचे, तभी उनकी नजर गंगा ब्रिज थाना की पुलिस गश्ती गाड़ी पर पड़ गई. पुलिस को देखते ही आरोपियों ने कार को पुल के किनारे खड़ा कर दिया और मौके से फरार हो गए.

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बता दें कि 19 फरवरी की सुबह गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में महात्मा गांधी सेतु के पास लावारिस हालत में खड़ी एक कार बरामद हुई थी, जिसमें भानु कुमार का शव पड़ा हुआ मिला था. मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है.

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इनपुट - विकास कुमार
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