बिहार के समस्तीपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बाद एक अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला. सभा खत्म होते ही वहां लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग को लेकर लोगों में लूटने की होड़ मच गई. महिलाएं, युवक और यहां तक कि बच्चे भी बड़े-बड़े होर्डिंग खोलकर अपने घरों की ओर ले जाते नजर आए. कई लोग तो अपने चेहरे को होर्डिंग से ढंककर जाते दिखे, ताकि उनकी पहचान न हो सके.
दरअसल, समस्तीपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान सरकारी योजनाओं से संबंधित कई बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे. सीएम के भाषण देने और हेलीकॉप्टर से रवाना होने के बाद सभा स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इसके बाद लोग एक-एक कर होर्डिंग खोलने लगे.
सभा खत्म होते ही उखड़ने लगे पोस्टर-होर्डिंग
देखते ही देखते दर्जनों महिलाएं और पुरुष लोहे के फ्रेम से लगे पोस्टर उखाड़ते नजर आए. कुछ महिलाएं होर्डिंग को सिर पर उठाकर ले जाती दिखीं, तो कुछ लोग इसे मोड़कर कंधे पर रखकर घर की ओर निकल पड़े. इस दौरान कई जगहों पर होर्डिंग को लेकर छीना-झपटी की घटनाएं भी सामने आईं.
होर्डिंग ले जा रही महिलाओं ने कैमरे पर बताया कि उनके पास पशुओं के लिए रहने की जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि इन होर्डिंग का इस्तेमाल कर वो गाय और बकरी के रहने के लिए घर (बथान) बनाएंगी. महिलाओं का कहना था कि बरसात और धूप से जानवरों को बचाने के लिए उन्हें किसी छत की जरूरत है, और यह पोस्टर उनके काम आ सकता है.
महिलाओं ने कहा, इससे बनाएंगे गाय-बकरी का घर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करती है. कार्यक्रम के बाद मौके पर प्रशासनिक निगरानी नहीं रहने के कारण लोग खुलेआम सरकारी होर्डिंग को ले जाते रहे. कई लोग इसे गरीबी की मजबूरी बता रहे हैं, तो कई इसे सरकारी संपत्ति की अव्यवस्था का उदाहरण कह रहे हैं.
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लोग बिना किसी डर के पोस्टर और होर्डिंग उखाड़कर ले जा रहे हैं.