पटना के '10 सर्कुलर रोड' बंगले को खाली कराने के सरकारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल बेहद तेज हो गई है. सचिवालय SDPO अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ राबड़ी आवास पहुंचीं. उनके साथ पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) भी मौजूद थे.
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बंगले के भीतर जाकर बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से काफी देर तक बातचीत की. अधिकारियों ने उन्हें भवन निर्माण विभाग की तरफ से जारी नोटिस और आवास खाली करने के कानूनी आदेशों की विस्तार से जानकारी दी. हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल बातचीत के बाद जब एसडीपीओ अनु कुमारी बाहर निकलीं, तो वे मीडिया से बिना कोई बातचीत किए सीधे वहां से रवाना हो गईं.
'जल्दबाजी में नहीं छोड़ूंगी मकान'
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि राबड़ी देवी ने फिलहाल सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने दोनों प्रशासनिक अधिकारियों को साफ शब्दों में कह दिया है कि वह अभी किसी जल्दबाजी में इस आवास को खाली करने वाली नहीं हैं.
बता दें कि आवास खाली करने की तय समय सीमा खत्म होने के बाद भवन निर्माण विभाग की तरफ से अब तक दो नोटिस भेजे जा चुके हैं. विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि तीसरे नोटिस के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस बल की मदद से बेदखली की कार्रवाई कर सकता है.
'जितनी फोर्स बुलानी है बुला लें'
अपने पोते इराज का जन्मदिन मनाकर दिल्ली से पटना एयरपोर्ट लौटीं राबड़ी देवी का गुस्सा पत्रकारों के सवालों पर फूट पड़ा. उन्होंने बिहार सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे तौर पर खुली चुनौती दे दी.
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने कहा, "सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं मकान नहीं खाली करूंगी. हम किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगे."
बीजेपी और जेडीयू का तीखा पलटवार
राबड़ी देवी के इस बागी रुख और सम्राट चौधरी को दिए चैलेंज के बाद बिहार की सत्ताधारी एनडीए (NDA) के नेताओं ने लालू परिवार पर चौतरफा हमला बोल दिया है. देखें VIDEO:-
BJP के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "राबड़ी देवी जी, यह कोई जंगलराज नहीं है, यहां कानून का पालन करना ही होगा. इलाज कराना होता है तो आप लोग सिंगापुर जाते हैं, पोते का बर्थडे मनाना हो तो दिल्ली जाते हैं, और जब लूटने की बारी आती है तो बिहार चले आते हैं! यह सब अब नहीं चलने वाला. आखिर 10 सर्कुलर रोड में ऐसा कौन सा खजाना छुपा कर रखा है लालू परिवार ने? अगर कोई खजाना छिपा भी होगा, तो बिहार की पुलिस उसे खोज निकालेगी. बंगला तो हर हाल में खाली करना होगा."
जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा, "सरकारी आवासों को लेकर जो भी नियम-कानून तय हैं, उनका पालन सबको करना ही होगा. सरकार कानून के मुताबिक ही काम करती है और सभी से नियम मानने की अपेक्षा की जाती है."
BJP से राज्यसभा सांसद भीम सिंह बोले, "राबड़ी देवी का यह बयान सीधे तौर पर सरकार के साथ टकराव पैदा करने वाला है. वह खुद बिहार की मुख्यमंत्री रही हैं, उन्हें ऐसा शोभा नहीं देता. इस बंगले को खाली कराने के लिए बिहार की पूरी पुलिस की जरूरत नहीं है, हमारा एक दरोगा ही जाकर आवास खाली करा देगा."
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नीतीश-सम्राट सरकार के भवन निर्माण विभाग ने '10 सर्कुलर रोड' वाले बंगले को बीजेपी कोटे के नए मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया. विभाग का तर्क है कि राबड़ी देवी को साल 2025 के आखिर में ही 39, हार्डिंग रोड स्थित एक अन्य सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, जिसे विभाग ने पूरी तरह तैयार और सुसज्जित भी कर दिया है. लेकिन लालू परिवार द्वारा पुराना बंगला खाली न किए जाने के कारण अब यह मामला कानूनी और सियासी जंग का मैदान बन चुका है.