बिहार की राजधानी पटना में उस समय माहौल गरमा गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के लिए पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर छात्रों के विरोध के चलते हंगामे की स्थिति बन गई. बताया जा रहा है कि पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उद्घाटन कार्यक्रम में छात्रों और पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पदाधिकारियों को नहीं बुलाए जाने के कारण नाराजगी जताई. इसी वजह से जैसे ही नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, छात्रों के एक समूह ने 'नीतीश कुमार गो बैक' के नारे लगाने शुरू कर दिए. देखते ही देखते विरोध तेज हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे. वहीं, विरोध के बीच एनडीए समर्थक छात्रों का एक समूह भी सक्रिय हो गया, जिन्होंने 'जिंदाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए. इससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी का दौर काफी देर तक चलता रहा.
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे विवाद की वजह यह थी कि उद्घाटन कार्यक्रम में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पदाधिकारियों और कई छात्रों को आमंत्रित नहीं किया गया था. इसी बात से नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया.
विजय कुमार सिन्हा ने हालात संभालने की कोशिश की
स्थिति को संभालने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने छात्रों से बातचीत करने की कोशिश की. उन्होंने छात्रों को शांत कराने और उनकी बात सुनने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे. हालात उस समय और बिगड़ गए जब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को छात्रों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें वहां से जाना पड़ा. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
काफी हंगामे और विरोध के बावजूद नीतीश कुमार ने पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि छात्रों में कार्यक्रम को लेकर असंतोष था, जो खुले विरोध के रूप में सामने आया.