जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में निशांत कुमार की आगामी 'सद्भाव यात्रा' की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत 3 मई 2026 से राज्य भ्रमण की शुरुआत करेंगे, जिसके लिए उन्होंने ऐतिहासिक चंपारण की धरती को चुना है. यात्रा का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करना और जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझना है.
जेडीयू के अनुसार, ये यात्रा न केवल निशांत का राजनीतिक डेब्यू है, बल्कि ये आने वाले दशकों के लिए बिहार की राजनीति की दशा और दिशा भी तय करेगी.
उन्होंने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि निशांत की इस यात्रा का नाम उन्होंने खुद 'सद्भाव यात्रा' चुना है. यात्रा की शुरुआत चंपारण से होना विशेष राजनीतिक संकेत देता है, क्योंकि नीतीश कुमार भी अपनी अधिकांश बड़ी यात्राओं का आगाज यहीं से करते रहे हैं.
3 मई से शुरू होगी यात्रा
उन्होंने बताया कि निशांत की इस खास यात्रा की शुरुआत 3 मई 2026 चंपारण से होगी. यात्रा के पहले दो दिन- यानी 3 और 4 मई को निशांत पश्चिम चंपारण के बगहा और बेतिया का दौरा करेंगे. इसके बाद 7 मई से उनकी यात्रा वैशाली जिले में प्रवेश करेगी. प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश जी के सारे संस्कार और गुण उनके पुत्र निशांत कुमार में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं.
अकेले नहीं होंगे निशांत
इस यात्रा के दौरान निशांत अकेले नहीं होंगे. उनके साथ जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और कई अन्य वरिष्ठ नेता व स्थानीय विधायक मौजूद रहेंगे. यात्रा का स्वरूप कार्यकर्ताओं के साथ 'वन टू वन' बातचीत करने का रखा गया है, ताकि पार्टी संगठन को और मजबूती दी जा सके.
उन्होंने ये भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में निशांत की इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है. जेडीयू का मानना है कि यह यात्रा राजनीति में नए जोश भरेगी. वैशाली और चंपारण जैसे महत्वपूर्ण जिलों से गुजरने वाली ये यात्रा यह भी तय करेगी कि भविष्य में निशांत की पार्टी के अंदर क्या भूमिका होगी.