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बिहार में गला काटकर मर्डर, तेजस्वी बोले- ये 'प्रोपेगेंडा फिल्म' का असर; ड्राइवर का सरेआम गला काटा, फिर भीड़ ने हत्यारे को मार डाला

बिहार के अररिया जिले स्थित फारबिसगंज में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे राज्य को दहला दिया है. सरेआम गला रेतकर हत्या और उसके बाद मॉब लिंचिंग की इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है.

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फारबिसगंज में पुलिस के सामने आरोपी की हत्या.(Photo:Screengrab)
फारबिसगंज में पुलिस के सामने आरोपी की हत्या.(Photo:Screengrab)

बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में कानून के शासन को चुनौती देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. एक मामूली विवाद में सत्तू विक्रेता रवि चौहान ने वाहन चालक नबी हसन का बीच सड़क पर गला रेतकर सिर अलग कर दिया. इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी पर कालिख पोत दी.

एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सत्तू विक्रेता रवि चौहान और वाहन चालक नबी हसन के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ था. इसके बाद रवि ने नबी की चाकू से निर्मम हत्या कर दी. फिर बाद में आरोपी को नबी के करीबी लोग पकड़ लेते हैं और बुरी तरह पीट देते हैं.

पुलिस किसी तरह उसे घायल हालत में अस्पताल ले जाती है, जहां उसकी मौत हो जाती है. पूरी घटना वीडियो फुटेज में कैद हो गई है.

तेजस्वी यादव बोले- महाचौपट राज

इस मामले में  RJD नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेर लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर तेजस्वी ने लिखा, ''ये है बिहार के भयावह हालात, अररिया जिले के फारबिसगंज में एक शख्स ने सरेआम बीच बाजार दूसरे शख्स का गला काट दिया और सैकड़ों लोगों के बीच उसका सिर लेकर घूमता रहा. बाद में मृतक के परिजनों ने हत्या करने वाले को ढूंढ़कर उसकी  भी हत्या कर दी. पुलिस भी कानून व्यवस्था को संभालने की जगह जान बचाती दिखी.

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तेजस्वी ने आगे लिखा, महाचौपट राज की इससे बड़ी तस्वीर क्या हो सकती है? यह घटना साफ दिखा रही है कि बिहार में कानून व्यवस्था किस हद तक बदहाल हो चुकी है. सत्ताधारी भाजपा-जदयू के नेता 'सीएम चेयर' के खेल में लगे हैं और बिहार में हर दिन लूट, हत्या, अपराध और बलात्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े सरेआम हत्याएं हो रही हैं और कानून का जरा भी डर नहीं है. बालू-दारू में मस्त-व्यस्त और पस्त एनडीए शासन के कारण बिहार की आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. बिहार में एनडीए राज नहीं, महाचौपट राज है. नरेंद्र मोदी 5 साल बाद चुनावों में आकर फिर भी जंगलराज का बेसुरा राग गाएंगे.

'प्रोपेगेंडा का असर'
और एक बात सिर काट कर घूमने का दृश्य अभी हाल ही में आई प्रोपगंडा फिल्म का दृश्य था, भाजपा सरकार अपने प्रोपेगेंडे के लिए जो जहर समाज में भर रही है, ये भी दिल दहलाने वाला है. जहर की खेती का खामियाजा अब दिखना शुरू हो चुका है.''

(रिपोर्ट: अमरेंद्र कुमार)

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