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Dwarka Tunnel Fire: बीच टनल धू-धू कर जलने लगी कार, AI स्मार्ट सिस्टम ने 12 मिनट में बचाई कई जान

Dwarka Tunnel Fire: द्वारका टनल के बीच में अचानक एक चलती कार के इंजन कम्पार्टमेंट में आग लग गई. आगे-पीछे कारों की लंबी कतार थी, लेकिन समय रहते टनल में लगा स्मार्ट सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हो गया, जिससे 12 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया.

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द्वारका टनल के बीच में चलती कार में आग लग गई. Photo: Screengrab
द्वारका टनल के बीच में चलती कार में आग लग गई. Photo: Screengrab

Dwarka Tunnel Fire Video: सड़क पर चलते समय अगर किसी टनल के अंदर अचानक गाड़ी में आग लग जाए तो हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं. लेकिन दिल्ली के नए बने द्वारका टनल में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां आधुनिक सुरक्षा तकनीक ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया. टनल में लगी आग को ऑटोमैटिक सिस्टम ने कुछ ही मिनटों में पहचान लिया और बिना किसी जानमाल के नुकसान के उस पर काबू पा लिया. यह घटना बताती है कि नेक्स्ट जेनरेशन स्मार्ट टनल टेक्नोलॉजी मुश्किल समय में कितनी मददगार साबित हो सकती है.

दरअसल, बीते रविवार 13 जुलाई की सुबह दिल्ली के एमसी-10 टनल (Dwarka MC-10 Tunnel) में एक वाहन में अचानक आग लग गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग इंजन वाले हिस्से में आई खराबी की वजह से लगी थी. जैसे ही आग लगी, टनल के अंदर लगे आधुनिक सुरक्षा सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गए. इसकी वजह से आग को फैलने से पहले ही कंट्रोल कर लिया गया. गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और टनल के ढांचे को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा.

 सेकंड में एक्टिव हुआ सीक्रेट सेफ्टी सिस्टम

जानकारी के अनुसार सुबह 10 बजकर 59 मिनट 59 सेकंड पर टनल में लगे वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) ने आग का पता लगा लिया. इसके तुरंत बाद लीनियर हीट डिटेक्शन सिस्टम (LHDS) ने तापमान बढ़ने की पुष्टि कर दी. इसके बाद टनल कंट्रोल सेंटर ने तुरंत फायर मोड चालू किया. साथ ही इमरजेंसी अनाउंसमेंट और वैरिएबल मैसेज साइन के जरिए टनल में मौजूद लोगों और वाहन चालकों को जरूरी निर्देश दिए गए.

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आग का पता चलते ही हाई प्रेशर वाटर मिस्ट सिस्टम (HPWMS) अपने आप चालू हो गया. इस सिस्टम ने कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया और उसे दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक दिया. वहीं इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और एंबुलेंस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई. सुबह 11 बजकर 12 मिनट तक आग पूरी तरह बुझा दी गई. मतलब 12 मिनट के भीतर ही एक बड़े हादसे पर काबू पा लिया गया.

 हाईटेक तकनीक ने टाला बड़ा हादसा 

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में टनल के सभी मॉडर्न सेफ्टी सिस्टम ने मिलकर शानदार काम किया. इनमें वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS), लीनियर हीट डिटेक्शन सिस्टम (LHDS), SCADA कंट्रोल सिस्टम, वेंटिलेशन सिस्टम और हाई प्रेशर वाटर मिस्ट सिस्टम (HPWMS) शामिल हैं. इन सभी टेक्नोलॉजी की मदद से आग का तुरंत पता चला, लोगों की सुरक्षित टनल से बाहर निकाला गया, नुकसान बेहद कम रहा और इमरजेंसी टीम ने तेजी से कार्रवाई की.

अधिकारियों का कहना है कि यह घटना साबित करती है कि लंबे शहरी टनलों में हाई प्रेशर वाटर मिस्ट सिस्टम जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाती है और बड़े हादसों को टालने में काफी प्रभावी साबित होती है.
 

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