अमेरिका में 16 करोड़ के कार्गो चोरी घोटाले में दो भारतीय दोषी करार, फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के जरिए उड़ाते थे ट्रक

लॉस एंजेलिस की जूरी ने अर्शप्रीत सिंह और विक्रमजीत सिंह को माल चोरी की साजिश में दोषी ठहराया. दोनों भारतीय नागरिक हैं. उन्होंने असली ट्रकिंग कंपनियां खरीदकर या उनका धोखे से इस्तेमाल कर दक्षिणी कैलिफोर्निया के गोदामों से माल उठाया और उसे मंज़िल तक नहीं पहुंचाया. चोरी का अनुमानित नुकसान कम से कम 20 लाख डॉलर रहा.

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अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक जूरी ने दो भारतीय नागरिकों को दोषी ठहराया है (Photo: X/@FBILosAngeles) अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक जूरी ने दो भारतीय नागरिकों को दोषी ठहराया है (Photo: X/@FBILosAngeles)

रोहित शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:12 AM IST

अमेरिका के लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने आज दो भारतीय नागरिकों अर्शप्रीत सिंह और विक्रमजीत सिंह को माल चोरी की साजिश में दोषी ठहराया. दोनों ने असली ट्रकिंग कंपनियों के जरिए गोदामों से माल उठाया और कभी मंज़िल तक नहीं पहुंचाया. अर्शप्रीत वायर फ्रॉड की साजिश में भी दोषी है, विक्रमजीत इस आरोप से बरी हुआ.

सात दिन चले मुकदमे में सबूत पेश हुए कि साजिश मार्च 2024 से जून 2025 तक चली. सैक्रामेंटो के 28 साल के अर्शप्रीत और उसके साथियों ने असली ट्रकिंग कंपनियां खरीदीं या धोखे से उनका इस्तेमाल किया. असली ठेकों की बोली जीतकर माल उठाया जाता, पर सही जगह पहुंचाने की जगह चुरा लिया जाता.

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चोरी किया गया माल अक्सर महंगा होता था, जैसे टीवी, लैपटॉप और घरेलू उपकरण. इसके अलावा वैक्यूम क्लीनर, एलईडी लाइट, जूते और टायर भी चुराए गए. अनुमान है कि कुल नुकसान कम से कम 20 लाख डॉलर का रहा यानि 16 करोड़ रुपये.

चोरियां दक्षिणी कैलिफोर्निया के कई इलाकों में हुईं. इनमें फोंटाना, वर्नन, सांता फे स्प्रिंग्स, पेरिस, सिटी ऑफ इंडस्ट्री, लॉन्ग बीच, कॉम्पटन, कॉमर्स, पिको रिवेरा, चीनो और मोरेनो वैली शामिल हैं. टेक्सास के ग्रैंड प्रेयरी में भी ऐसी चोरी हुई.

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मार्च 2024 में अर्शप्रीत सिंह टेक्सास की कंपनी जेड एंड एफ ट्रांसपोर्टेशन एलएलसी के मालिक से कंपनी खरीदने के लिए मिला, सौदा करीब 22 हजार डॉलर का था. उसी महीने एक साथी ने इस कंपनी की ओर से फोंटाना से टीवी का एक लोड उठाया, जिसे फ्लोरिडा पहुंचना था, लेकिन वह वहां कभी नहीं पहुंचा.

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मई 2024 में साथियों ने स्काईवेज ट्रकिंग एलएलसी नाम की कंपनी खरीदी. इसके जरिए लैपटॉप, टीवी, सोलर पैनल और दूसरा सामान चुराया गया. साथी उबर फ्रेट जैसे ब्रोकरों के जरिए लोड बुक करते, माल उठाते और फिर उसे तय जगह पर नहीं पहुंचाते थे.

जज एन ह्वांग ने सजा की सुनवाई 20 जनवरी 2027 को तय की है. अर्शप्रीत को अधिकतम 20 साल और फोंटाना के 31 साल के विक्रमजीत को अधिकतम पांच साल की संघीय जेल हो सकती है. जांच एफबीआई की इनलैंड वायलेंट क्राइम सप्रेशन टास्क फोर्स, आईआरएस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन, फोंटाना पुलिस, सैन बर्नार्डिनो, रिवरसाइड और लॉस एंजेलिस काउंटी के शेरिफ विभागों और फोर्ट वर्थ पुलिस ने की. सरकारी वकील स्टीफन चांग और लॉयड मैसन मामले में पैरवी कर रहे हैं.

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