'अल्लाह का शुक्र है... स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खड़ी हो गई स्टील की दीवार', बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा है कि मिडिल-ईस्ट का दादा बनने वाला ईरान अब वैसा नहीं रह गया है. वहां 300 फीसदी महंगाई दर पहुंच गई है और उनकी हालत लगातार खराब हो रही है.

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ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज में अमेरिका की 'स्टील की दीवार' कायम रहने वाली है.  (File photo: Reuters) ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज में अमेरिका की 'स्टील की दीवार' कायम रहने वाली है. (File photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अल्लाह का शुक्र है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 'स्टील की दीवार' खड़ी कर दी है और ये आगे भी जारी रहने वाला है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा है कि मिडिल-ईस्ट का दादा बनने वाला ईरान अब वैसा नहीं रह गया है. वहां 300 फीसदी महंगाई दर पहुंच गई है और उनकी हालत लगातार खराब हो रही है. वे सिर्फ बात करते हैं. 

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ट्रंप ने ये बात तब कही है जब ईरान ने अमेरिका के साथ सीजफायर को लेकर किसी भी नए समझौते से इंकार किया है.

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है. मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को हर कोई 'स्टील की दीवार' (Wall of Steel) कह रहा है और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता."

ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान का मजाक उड़ाया. उन्होंने आगे अपने पोस्ट में कहा, "उनके पास नेवी नहीं है, उनके पास एयर फोर्स नहीं है, और उनकी जो बाकी सेना बची है, उन्हें तनख्वाह नहीं मिल रहे हैं. IRGC बुरी तरह बर्बाद हो चुकी है और भाग रही है और उनकी "लीडरशिप" की हालत भी बहुत अनिश्चित है!"

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ट्रंप ने ईरान की हालत बताई और कहा कि, "उनके पास पैसे नहीं हैं उनका देश बर्बाद हो चुका है. उनके पास बस फ़ेक न्यूज़ और 300% महंगाई है, और हालात और भी खराब होते जा रहे हैं! ईरान सिर्फ़ बातें करता है, कोई काम नहीं करता; अब वह मिडिल ईस्ट का दादा नहीं रहा. अल्लाह का शुक्र है!"

12 अगस्त को होर्मुज से गुजरे मात्र 8 जहाज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी बेहद सीमित बनी हुई है. आप यह जान कर हैरान हो सकते हैं कि जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता था, वहां से 12 अगस्त को सिर्फ 8 जहाजों के गुजरने की जानकारी सामने आई, जबकि सामान्य हालात में यहां रोजाना करीब 130-140 जहाज गुजरते हैं.

ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए समुद्री रूट पर सहमति लगभग बन चुकी है. प्रस्ताव के तहत अंदर आने वाले जहाज ईरान के करीब वाले चैनल और बाहर जाने वाले जहाज ओमान के करीब वाले चैनल से गुजर सकते हैं.

लेकिन ईरान इसे स्ट्रेट को फिर से खोलने की गारंटी नहीं मानता. तेहरान का कहना है कि अमेरिका को पहले उसकी शर्तें माननी होंगी और जून के समझौते के कथित उल्लंघनों का समाधान करना होगा. 

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होर्मुज में अमेरिकी ब्लॉकेड जारी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका का ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड अभी जारी है. अमेरिका का कहना है कि उसका अभियान ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोकने के लिए है. 12 अगस्त को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास होर्मुज पर “पूर्ण नियंत्रण” है.

ब्लॉकेड का ताजा उदाहरण मंगलवार को सामने आया, जब अमेरिकी हेलिकॉप्टर ने पनामा-फ्लैग वाले कार्गो जहाज M/V Vela Nova पर मिसाइल दागी. अमेरिकी नेवी के मुताबिक जहाज ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़कर ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश कर रहा था. 

दूसरी तरफ ईरान ने कहा है कि होर्मुज तब तक नहीं खुलेगा, जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता. 

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