इजरायल को बड़ा झटका! अमेरिकी सांसदों ने की फंडिंग कम करने की मांग

अमेरिका में इजरायल को दी जाने वाली 3.3 अरब डॉलर की सहायता राशि को लेकर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मतभेद देखने को मिल रहा है. डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस सहायता में कटौती के पक्ष में मतदान किया, जबकि रिपब्लिकन सांसद इसे बनाए रखने के पक्ष में हैं. जबकि डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीस ने नेतन्याहू की युद्ध रणनीति पर सवाल उठाए और मिडिल-ईस्ट नीति में बदलाव की बात कही है.

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अमेरिकी सांसदों ने नेतन्याहू की 'वॉर स्ट्रैटेजी' पर भी सवाल उठाए. (Photo: AFP) अमेरिकी सांसदों ने नेतन्याहू की 'वॉर स्ट्रैटेजी' पर भी सवाल उठाए. (Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:21 AM IST

इजरायल की मदद करना अमेरिकी सरकार को भारी पड़ता दिख रहा है. इस मुद्दे को लेकर अमेरिका की राजनीति में हंगामा शुरू हो गया है. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के आधे से ज्यादा डेमोक्रेटिक सांसदों ने इजरायल को दी जाने वाली 3.3 अरब डॉलर की सहायता राशि में कटौती करने के पक्ष में मतदान किया है. 

बुधवार को सदन में इस संशोधन प्रस्ताव पर मतदान हुआ. प्रस्ताव के पक्ष में 104 और विरोध में 314 वोट पड़े. हालांकि, ये राष्ट्रीय सुरक्षा खर्च विधेयक में इस संशोधन को जोड़ने के लिए काफी नहीं था.

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इस मतदान से ये साफ हो गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध रणनीति को लेकर अमेरिकी संसद और डेमोक्रेटिक पार्टी में गहरी दरार है.

चुनाव से ठीक पहले पार्टी में मतभेद

ये मतदान अमेरिक में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले हुआ है, जो ये तय करेंगे कि अमेरिकी कांग्रेस पर किसका कंट्रोल होगा. इस वोटिंग में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व के बीच भी मतभेद खुलकर सामने आए. 100 से ज्यादा डेमोक्रेट्स ने विदेशी सैन्य सहायता राशि को पूरी तरह खत्म करने वाले इस संशोधन के पक्ष में वोट दिया, जबकि लगभग इतने ही डेमोक्रेट्स ने इसके खिलाफ मतदान किया. 

वहीं, जबकि रिपब्लिकन सांसदों ने इजरायल को दी जाने वाली सहायता को बनाए रखने के पक्ष में वोट डाला. सदन में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीस ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. हालांकि, उन्होंने अपने सहयोगियों को लिखे पत्र में इस बात पर जोर दिया कि इजरायल और फिलिस्तीनी लोगों की भलाई के लिए मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी नीति को बदलना होगा. 

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जेफ्रीस ने कहा कि नेतन्याहू सरकार के रवैये में जरूरी बदलाव लाने के लिए और भी सही तरीके मौजूद हैं.

पार्टी में बढ़ता आंतरिक दबाव

इजरायल को लेकर बढ़ती विरोध डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है. पार्टी को अपने ही भीतर लेफ्ट विंग के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी इस फूट का फायदा उठाकर डेमोक्रेट्स को 'कट्टर वामपंथी' साबित करने की कोशिश कर रही है. 

यह भी पढ़ें: 'सीरिया और लेबनान से अपनी सेना निकाले इजरायल', नेतन्याहू को ट्रंप की दो टूक

इस बीच, डेमोक्रेटिक व्हिप और मैसाचुसेट्स की प्रतिनिधि कैथरीन क्लार्क ने फंड रोकने का समर्थन किया. एक हालिया AP-NORC पोल के मुताबिक, लगभग एक-तिहाई अमेरिकी एडल्ट- जिनमें करीब आधे डेमोक्रेट शामिल हैं, उनका मानना है कि इजरायल ने गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार किया है. हालांकि, इजरायल और अमेरिकी सरकार इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते रहे हैं.

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