उइगरों से करा रहे थे जबरन मजदूरी! अमेरिका ने चीन के BGI ग्रुप के प्रोडक्ट कर दिए बैन

अमेरिका ने चीन की प्रमुख बायोटेक कंपनी BGI ग्रुप, BGI जीनोमिक्स और MGI टेक के प्रोडक्ट के आयात पर रोक लगा दी है. अमेरिकी प्रशासन ने इन कंपनियों पर शिनजियांग क्षेत्र में उइगर समुदाय समेत जातीय अल्पसंख्यकों से जबरन मजदूरी कराने का आरोप लगाया है.

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ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात से पहले ये एक्शन हुआ है (Photo: Reuters) ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात से पहले ये एक्शन हुआ है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:42 AM IST

अमेरिका ने चीन की प्रमुख बायोटेक कंपनी BGI ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है. अमेरिकी प्रशासन ने इन कंपनियों पर चीन के शिनजियांग क्षेत्र में जबरन मजदूरी से जुड़े होने का आरोप लगाया है. बुधवार को अमेरिकी सरकार ने इस एक्शन की घोषणा की. गुरुवार से अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) इन कंपनियों के प्रोडक्ट को अमेरिका में एंट्री करने से रोकेगी.

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प्रतिबंध के दायरे में BGI ग्रुप के अलावा BGI जीनोमिक्स और MGI टेक भी शामिल हैं. BGI ग्रुप जेनेटिक सीक्वेंसिंग तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी है.

शिनजियांग में जबरन मजदूरी कराने का आरोप

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, ये कंपनियां या तो शिनजियांग से सामग्री ले रही हैं या क्षेत्रीय सरकार के साथ मिलकर जातीय समुदायों के लोगों से जबरन मजदूरी कराने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हैं. इनमें उइगर समुदाय के लोग भी शामिल हैं. विभाग ने दावा किया कि इन कंपनियों के खिलाफ कॉर्पोरेट और सरकारी रिपोर्ट सहित विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध है. DHS के मुताबिक, BGI ग्रुप और उसकी सहयोगी कंपनियों ने शिनजियांग में आनुवंशिक परीक्षण से जुड़ी गतिविधियों का समर्थन किया है.

अमेरिकी विभाग का कहना है कि आनुवंशिक सामग्री का संग्रह और विश्लेषण चीन की सरकार को जातीय अल्पसंख्यकों की निगरानी और उनके दमन में मदद कर सकता है.

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BGI ग्रुप ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, BGI ग्रुप ने अमेरिकी सरकार के आरोपों को खारिज किया है. कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि वह किसी भी तरह की जबरन मजदूरी में शामिल नहीं रही है.

कंपनी ने कहा, 'हम सभी प्रकार की जबरन मजदूरी का दृढ़ता से विरोध करते हैं.' BGI ग्रुप का कहना है कि वह निजी स्वामित्व वाली कंपनी है. उसने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिका में मरीजों को सेवाएं नहीं देती और उसके पास अमेरिकी नागरिकों के आनुवंशिक डेटा की पहुंच नहीं है.

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अमेरिका और चीन के बीच बढ़ रहा तकनीकी तनाव

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बायोटेक्नोलॉजी भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभर रही है. अमेरिकी वित्त विभाग ने पिछले सप्ताह चीन जैसे देशों में बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश को सीमित करने के लिए नए प्रतिबंध प्रस्तावित किए थे.

अमेरिकी सांसद और नीति निर्माता पिछले कई वर्षों से BGI ग्रुप को लेकर चिंता जताते रहे हैं. उनका मानना है कि कंपनी के चीन की सरकार से कथित संबंध और बड़े पैमाने पर आनुवंशिक डेटा तक उसकी पहुंच अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचा सकती है.

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पहले ही BGI ग्रुप, BGI जीनोमिक्स और MGI टेक को चीनी सैन्य कंपनियों के रूप में चिह्नित कर चुका है.

ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात से पहले कार्रवाई

अमेरिका का यह कदम अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात से पहले सामने आया है. दोनों नेताओं की मुलाकात चीन के दक्षिणी शहर शेनझेन में होने की उम्मीद है. इसी शहर में BGI ग्रुप का मुख्यालय भी है. इसके बाद शी जिनपिंग दिसंबर में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए फ्लोरिडा जा सकते हैं. इस दौरान उनकी ट्रंप से इस साल चौथी मुलाकात हो सकती है. दोनों देश व्यापारिक संघर्ष विराम के दौरान आपसी संबंधों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.

अमेरिकी ब्लैकलिस्ट में 187 कंपनियां

नए प्रतिबंध उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट के तहत लगाए गए हैं. इस कानून पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 के अंत में हस्ताक्षर किए थे. अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने इस कानून के तहत 43 और चीनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट में शामिल किया था. इसके बाद प्रतिबंधित संस्थाओं की कुल संख्या 187 हो गई थी. हालांकि, चीन की सरकार शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन और जबरन मजदूरी के आरोपों को लगातार खारिज करती रही है.

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बीजिंग का कहना है कि शिनजियांग में उसकी नीतियों का उद्देश्य आतंकवाद से मुकाबला करना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन ने विदेशी कंपनियों की कथित जबरन मजदूरी की गतिविधियों से अमेरिकी कामगारों के हितों की रक्षा करने का संकल्प जताया है.

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