ईरान के 'गिफ्ट' का ट्रंप ने किया खुलासा- होर्मुज से निकलने दिए 10 तेल टैंकर, 8 पर PAK झंडे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने 10 तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी. उन्होंने इसे अमेरिका के लिए एक गुडविल तौहफा बताया. ट्रंप ने कहा कि शुरू में ईरान ने आठ टैंकर पार कराने की बात कही थी. कुछ टैंकर पाकिस्तानी झंडे वाले थे. यह कदम अमेरिका-ईरान बातचीत के दौरान आया.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Photo: ITG) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:28 PM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलसन्धि से 10 तेल टैंकर पार कराने की अनुमति दी उन्होंने इसे ईरान की ओर से एक गुडविल तौहफा बताया ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान दिया

ट्रंप के अनुसार ईरान ने शुरू में आठ टैंकर गुजरने की अनुमति देने का कहा था उन्होंने कहा कि यह दिखाने के लिए था कि ईरान गंभीर है और वार्ता में सहयोग कर रहा है उन्होंने बताया कि उन्होंने कहा कि हम आपको आठ बड़े तेल के जहाज देंगे मुझे लगता है कि वे सही थे और वाकई गंभीर थे ये कुछ पाकिस्तानी झंडे वाले थे अंततः संख्या 10 टैंकर तक बढ़ गई.

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ईरान का अमेरिका के लिए गुडविल तौहफा

व्हाइट हाउस ने फिलहाल इस टैंकरों के बारे में अधिक विवरण नहीं दिया ट्रंप ने इसे एक ऊर्जा संबंधी महत्वपूर्ण रियायत बताया उन्होंने कहा कि यह तौहफा बहुत बड़ा और मूल्यवान था. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने समाचार में देखा कि आठ बड़े टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बीच से गुजर रहे थे बाद में ईरान ने दो और टैंकर भेजे जिससे कुल संख्या 10 हो गई उन्होंने इसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की सफलता का संकेत बताया.

इसके अलावा उन्होंने बताया कि कुछ टैंकर पाकिस्तानी झंडे वाले थे जिससे यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान ने लॉजिस्टिक्स में भूमिका निभाई व्हाइट हाउस ने इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच भरोसे और वार्ता को मजबूत कर सकता है इससे समुद्री मार्ग और तेल आपूर्ति में किसी भी बाधा को कम करने में मदद मिलेगी.

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ट्रंप ने कहा कि इस कदम से यह संदेश जाता है कि दोनों पक्ष बातचीत और समझौते के लिए गंभीर हैं उन्होंने इसे अमेरिका के लिए एक बड़ी आर्थिक और ऊर्जा संबंधी रियायत बताया. इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी मीडिया और वैश्विक विश्लेषक इसे ऊर्जा सुरक्षा और मध्यपूर्वी कूटनीति में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं इससे अमेरिका को ईरान के साथ बातचीत में मजबूती मिली है.

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और मध्यपूर्वी कूटनीति में महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से भविष्य में संभावित समझौते और वार्ता को दिशा मिल सकती है दोनों पक्षों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि वे आपसी विश्वास और सहयोग के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने इसे ऊर्जा सुरक्षा तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम बताया उन्होंने कहा कि यह गुडविल इशारा अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही जटिल वार्ता में मदद कर सकता है.

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