अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक सलती एयर बेस पर ईरान के हमले में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं. ट्रंप ने कहा कि इन खबरों में जरा भी सच्चाई नहीं है. मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'बिल्कुल भी नहीं. कोई नुकसान नहीं. कुछ भी नहीं हुआ.'
इससे पहले CBS न्यूज ने रिपोर्ट किया था कि मंगलवार से बुधवार के बीच रात में हुए ईरानी हमलों में जॉर्डन के इस अमेरिकी एयर बेस पर तैनात कई अमेरिकी सैन्य विमान क्षतिग्रस्त हुए. रिपोर्ट में मामले की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया गया कि करीब आठ F-15 लड़ाकू विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा और उन्हें दोबारा सेवा में लगा दिया गया.
A-10 विमान का पंख टूटने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, एक A-10 थंडरबोल्ट हमले की चपेट में आया और उसका एक पंख उड़ गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जॉर्डन के मुवाफ्फक सलती एयर बेस पर ईरानी हमलों में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत की खबर नहीं है.
ईरान के हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका ने मंगलवार को कहा था कि उसने ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया है. अमेरिका ने इसे ईरान की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई कार्रवाई बताया था. रिपोर्ट में कहा गया कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरानी हमलों से बचाव के लिए 30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागीं.
अमेरिकी एयर बेस पर भारी नुकसान का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया. IRGC ने इसे अमेरिका की ओर से ईरानी तेल टैंकरों पर किए गए आक्रामक हमलों का जवाब बताया.
ईरानी सेना के मुताबिक, उसके हमले में अमेरिकी सेना के F-35, F-16 और F-15 लड़ाकू विमानों के रखरखाव, मरम्मत और तैनाती के लिए इस्तेमाल होने वाले एक हैंगर तथा अमेरिकी लड़ाकू विमानों के एक शेल्टर को निशाना बनाया गया. ईरानी सेना ने दावा किया कि इस कार्रवाई में अमेरिकी ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा.
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