रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में एक बार फिर खूनी रात देखने को मिली है. दोनों देशों ने एक-दूसरे के शहरों पर रातभर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दागे. इन हमलों में कई मासूम नागरिकों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. सीमा पर बसे रूसी इलाकों से लेकर यूक्रेन के रिहायशी इलाकों तक चारों तरफ तबाही का मंजर बना हुआ है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस के सीमावर्ती इलाके बेलगोरोड में यूक्रेन के ड्रोन हमले में एक 4 साल के बच्चे समेत 5 लोगों की जान चली गई. इस हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं. कई इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. दूसरी तरफ, यूक्रेन के बड़े शहर खारकीव में रूसी मिसाइल सीधे एक बहुमंजिला इमारत पर जा गिरी. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 13 लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए. इसके अलावा ओडेसा बंदरगाह शहर पर भी दर्जनों मिसाइलों से हमला किया गया.
सुरक्षा कवच की कमी से जूझ रहा यूक्रेन
यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की है. अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम 'पैट्रियट' के इंटरसेप्टर कम पड़ रहे हैं. इसी वजह से यूक्रेन पर दबाव बढ़ गया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और दूसरे सहयोगी देशों से ज्यादा पैट्रियट सिस्टम की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हो सकता, तो यूक्रेन में ही पैट्रियट मिसाइलें बनाने की अनुमति दी जाए. साथ ही, स्टारलिंक सिस्टम की मदद से रूस के भीतर मौजूद मिसाइल लॉन्चरों पर हमला करने की मंजूरी भी मिले.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन भी रूस के भीतर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है. यूक्रेन के निशाने पर रूस के तेल भंडार, ऊर्जा ठिकाने और बड़ी ऑनलाइन कंपनियां हैं. इन हमलों से रूस में ईंधन संकट गहराने की बात कही जा रही है. वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसने रातभर में यूक्रेन के 153 ड्रोन मार गिराए. रूस का यह भी कहना है कि उसके हमलों में खारकीव के ड्रोन गोदाम और ओडेसा के ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया.
पड़ोसी देशों तक पहुंची जंग की आंच
इस जंग का असर अब पड़ोस के शांतिप्रिय देशों में भी दिखने लगा है. मोल्दोवा के सीमावर्ती गांव क्रोकमाज़ में एक ड्रोन फटने से भीषण आग लग गई, जहां से ड्रोन के टुकड़े बरामद हुए हैं. वहीं, बुल्गारिया की सीमा में भी एक ड्रोन घुसकर गैस पाइपलाइन के पास विस्फोट कर गया. बुल्गारिया ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब तलब किया है. युद्ध की यह आग लगातार पूरे इलाके में फैलती जा रही है.
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