पाकिस्तान की ज्यादती से सुलगा रावलकोट, सेना के रॉकेट हमले में 3 की मौत, 20+ घायल, ईदगाह मैदान में शव रखकर नारेबाजी

रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सेना उन पर ड्रोन, बम और रॉकेट से हमला कर रही है. अब तक 3 नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.

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प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, 5 नवंबर को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हुई. (Photo: ITG) प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, 5 नवंबर को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हुई. (Photo: ITG)

सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शहबाज सरकार के खिलाफ गुस्सा अब सड़कों पर है. रावलकोट में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. आरोप है कि सेना प्रदर्शनकारियों पर बम, रॉकेट, ग्रेनेड और ड्रोन से हमले कर रही है. अब तक तीन लोगों की मौत और 20 से ज्यादा के घायल होने की खबर है.

रावलकोट के ईदगाह मैदान में मृतकों के शव रखकर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारियों के नारों में गुस्सा साफ सुनाई दे रहा है. कोई कह रहा है, 'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है', तो कोई सवाल उठा रहा है, 'कातिलों जवाब दो, खून का हिसाब दो'.

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जिस इलाके को पाकिस्तान अपना हिस्सा बताता है, वहां के लोग ही अब उसकी फोर्स के खिलाफ सड़कों पर हैं. हालात पर सवाल उठ रहे हैं और जवाबदेही की मांग तेज हो रही है. प्रदर्शनकारियों के आरोपों ने शहबाज सरकार और पाकिस्तानी सेना को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, 5 नवंबर को पाकिस्तानी पुलिस, फ्रंटियर कॉर्प्स और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए. मारे गए तीनों लोगों के शव ईदगाह मैदान में रखे गए हैं. प्रदर्शन और धरना जारी है.

घर पर RPG से हमला करने का आदेश देने का आरोप

जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक, बस टर्मिनल पर धरना खत्म कराने के लिए की गई कार्रवाई के दौरान एक वायरलेस रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर सामने आई. उनका दावा है कि रिकॉर्डिंग में एक अधिकारी अपने जूनियर को एक घर पर RPG से हमला करने का आदेश देता सुनाई दे रहा है.

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रावलकोट में प्रदर्शन क्यों हो रहा है?

रावलकोट में प्रदर्शन की वजह सिर्फ शहबाज सरकार का विरोध नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लंबे समय से जमा हो रहा राजनीतिक और आर्थिक गुस्सा है. इस आंदोलन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है.

लोगों के गुस्से की मुख्य वजह बिजली और आटे की महंगाई है. लोगों का कहना है कि उनके इलाके में मंगला जैसे बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बिजली बनती है, लेकिन उन्हें ही महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है.

इसके अलावा PoK विधानसभा की 45 निर्वाचित सीटों में से 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 के बाद पाकिस्तान के दूसरे इलाकों में जाकर बस गए थे. इन 12 सीटों के लिए मतदान पीओके के भीतर नहीं बल्कि पाकिस्तान के अन्य शहरों और प्रांतों (जैसे पंजाब) में होता है.

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल पाकिस्तान की सरकार और खुफिया एजेंसी (ISI) चुनावों में धांधली करने और अपनी मनपसंद कठपुतली सरकार बनाने के लिए किया जाता है. प्रदर्शनकारी इन सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. 

अब हिंसा क्यों भड़की?

पाकिस्तान ने जून में JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था. संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई. इसके बाद आंदोलन और तेज हुआ. 5 नवंबर को पाकिस्तानी रेंजर्स, फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस ने रावलकोट में प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए अभियान चलाया. इसी दौरान गोलीबारी और ड्रोन हमलों के आरोप लगे.

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