कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV ने इतिहास रच दिया है. वह अमेरिका के चुनाव में वोटिंग करने वाले इतिहास के पहले पोप बन गए हैं. वेटिकन ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की. अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले पोप ने शिकागो में पोस्टल बैलेट के जरिए अपना वोट डाला. वेटिकन के मुताबिक, पोप ने अमेरिकी नागरिक होने के नाते अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल किया है.
पोप लियो XIV का जन्म अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ था. पोप बनने से पहले उनका नाम रॉबर्ट प्रीवोस्ट था. वेटिकन के प्रेस ऑफिस ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने अमेरिकी नागरिक के रूप में जब भी मतदान करने की पात्रता हासिल की, तब अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल किया. बयान में यह भी कहा गया कि पेरू में रहने के दौरान भी उन्होंने पात्र होने पर मतदान किया था.
वेटिकन के बयान के मुताबिक, पोप लियो XIV का मानना है कि नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अधिकार भी है और उनकी जिम्मेदारी भी. उन्होंने इसी सोच के तहत अमेरिका के आगामी मिडटर्म चुनाव में मतदान किया है.
पोप का यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि वह अब तक के पहले ऐसे पोप हैं, जिन्होंने अमेरिका के चुनाव में वोट डाला है. हालांकि, पोप बनने के बाद भी उनकी अमेरिकी नागरिकता और मतदान का अधिकार बना हुआ है.
बता दें कि अमेरिका में नवंबर में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं. इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी सीटों और सीनेट की कुछ सीटों के लिए मतदान होगा. इन चुनावों के नतीजों का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल और उनकी सरकार की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है.
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